हिन्दुस्तान कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलोजी के डायरेक्टर डॉक्टर राजीव कुमार उपाध्याय ने संस्थान के संक्षिप्त इतिहास पर प्रकाश डाला तथा कार्यशाला में आए सभी मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने एकेटीयू के कुलपति डॉक्टर विनय कुमार पाठक को विशेष रूप से धन्यवाद दिया। डॉक्टर राजीव कुमार उपाध्याय ने सभी प्रतिभागियों से यह उम्मीद जताई कि वह इस कार्यशाला में हुई बातों को आत्मसात करेंगे, जिससे उनके छात्रों को भी ‘एन्वायरमेंटल मेंनेजमेंट एंड स्मार्ट सिटीज’विषय पर अच्छी जानकारी मिल सके।
संस्थान के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रोफेसर वीके शर्मा ने एक बार फिर शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में आए प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि जो कुछ हो चुका है उसमें थोड़े से सुधार एवं नया करने में नए सिरे से योजनाएं बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा जरूरत हमें खुद को स्मार्ट बनाने की है। जीवन स्तर की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए मानसिकता को सुधारना जरूरी है।
कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि सीआरआरआई, दिल्ली से आए स्मार्ट ट्रांस्पोर्टेशन एक्सपर्ट डॉक्टर रविन्द्र कुमार ने प्रतिभागियों को विश्व पर्यावरण दिवस पर अपना व्याख्यान केंद्रित रखा। खासतौर से प्लास्टिक प्रदूषण के बारे में उन्होंने कई बातें बताईं। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक समुद्री जीव-जंतुओं के लिए हानिकारक है और हमारे पर्यावरण संतुलन को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने आगरा में जल्द लागू होने वाली स्मार्ट ट्रांस्पोर्टेशन योजना के बारे में भी प्रतिभागियों को जानकारी दी।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि सीईएमजी इंजीनियर्स एंड कन्सटेंस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अजीत फौजदार ने अपने वक्तव्य में कहा कि हम जीवन मूल्यों के प्रति निष्ठावान नहीं है। यही मूल्य हमें सबसे पहले स्मार्ट बनाते हैं। यदि हम नियम कानून का प्रतिबद्धता से पालन करें तो तो निश्चित ही खुद को स्मार्ट बनाकर अपने शहर ही नहीं बल्कि राष्टं को भी स्मार्ट बना सकते हैं। कार्यशाला का सफल संचालन सिविल एंड एन्वायरमेंट डिपार्टमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर निशु वर्मा ने किया। कार्यशाला के अंत में धन्यवाद ज्ञापन पर्यावरण विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर सीएन त्रिपाठी ने पढ़ा।