हिमाचल प्रदेश सरकार मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के इस्तेमाल पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को हमीरपुर स्थित डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने बताया कि सरकार मेडिकल शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं देना और उन्हें चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। इस दौरान छात्रों ने कॉलेज के विकास और सुविधाओं से जुड़े सवाल भी पूछे।
क्या बढ़ सकता है एमबीबीएस इंटर्नशिप भत्ता?
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार एमबीबीएस विद्यार्थियों को मिलने वाले इंटर्नशिप भत्ते में बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। इसके लिए जरूरी बजटीय प्रावधान करने की संभावना भी देखी जा रही है। हालांकि, भत्ते में कितनी बढ़ोतरी होगी और इसे कब से लागू किया जाएगा, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है। यदि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो इंटर्नशिप कर रहे मेडिकल विद्यार्थियों को फायदा मिल सकता है। फिलहाल छात्रों को सरकार की ओर से इस बारे में लिए जाने वाले अंतिम फैसले का इंतजार करना होगा।
हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में क्या बनेगा?
हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को बेहतर बनाने के लिए कई निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि कॉलेज में आधुनिक सभागार, एम्फीथिएटर और पुस्तकालय बनाया जा रहा है। इसके साथ ही लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग छात्रावास भी बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक छात्रावास में 300 विद्यार्थियों के रहने की क्षमता होगी। इन सुविधाओं से विद्यार्थियों को पढ़ाई और रहने के लिए बेहतर माहौल मिलने की उम्मीद है। कॉलेज की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी छात्रों ने सवाल पूछे। सरकार का कहना है कि संस्थान को बेहतर बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।
क्या कैंसर अस्पताल और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक भी बनेगा?
मुख्यमंत्री ने बताया कि हमीरपुर राजकीय मेडिकल कॉलेज की रूपरेखा एक जापानी कंपनी की मदद से तैयार की गई है। भविष्य में यहां सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, कैंसर अस्पताल, दंत चिकित्सा कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने की योजना है। इन योजनाओं के पूरा होने पर मरीजों को विशेष इलाज की सुविधाएं मिल सकती हैं और मेडिकल शिक्षा के लिए नए अवसर खुल सकते हैं। हालांकि, इन परियोजनाओं के निर्माण की समयसीमा और शुरुआत की तारीख के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। फिलहाल सरकार की ओर से इन सुविधाओं को विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
मेडिकल छात्रों को विदेश क्यों भेजा जाएगा?
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में शोध गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक मेडिकल कॉलेज से 10 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और 10 एमबीबीएस विद्यार्थियों के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। चयनित छात्रों को जल्द ही विदेश भेजा जाएगा, जहां वे चिकित्सा के क्षेत्र में अपनाई जा रही बेहतर कार्यप्रणालियों को समझ सकेंगे। इस अनुभव से उन्हें नई तकनीकों और चिकित्सा से जुड़े तरीकों को जानने का मौका मिलेगा। सरकार का उद्देश्य मेडिकल शिक्षा, शोध और इलाज की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। हालांकि, विदेश भेजने की तारीख और देशों के नाम की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।