फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहीं थमा विवाद: कर्नाटक में हिजाब पहनकर परीक्षा देने पहुंची छात्राएं, कॉलेज ने वापस लौटाया

Fri, 22 Apr 2022 05:32 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Hijab Row: यह दो छात्राएं उन्हीं छह में से हैं जो हिजाब पहनने की इजाजत को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं।
विज्ञापन
Hijab Row - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक में हिजाब को लेकर विवाद अब भी जारी है। एक तरफ हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए राज्य के शिक्षा विभाग ने परीक्षाओं मे हिजाब पहनकर शामिल होने को प्रतिबंधित किया है, तो वहीं दूसरी ओर हर बार इस पर विवाद सामने आ रहा है। ताजा विवाद राज्य के उडुप्पी से आया है जहां, दो हिजाब पहनी छात्राओं को पीयूसी परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया गया। यह दो छात्राएं उन्हीं छह में से हैं जो हिजाब पहनने की इजाजत को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। जानकारी के मुताबिक छात्राओं को परीक्षा में शामिल होने से रोके जाने के बाद वे केंद्र से बाहर आ गईं। 

विज्ञापन


बिजनेस स्टडी की थी परीक्षा
कर्नाटक में शुक्रवार से शुरू हुआ पीयूसी परीक्षा 18 मई, 2022 तक चलेंगी। आज पहला पेपर बिजनेस स्टडी के विषय का था। राज्यभर में निर्धारित कुल 1,076 परीक्षा केंद्रों पर 6.84 लाख छात्र -छात्राएं इसमें शामिल हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक आलिया और रेशम बुर्का पहनकर ऑटो रिक्शा से परीक्षा केंद्र पर पहुंची और कॉलेज प्रशासन से हिजाब में परीक्षा में शामिल होने देने का निवेदन किया। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने हाइकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए उन्हें प्रवेश देने से इंकार कर दिया। इसके बाद दोनों छात्राएं वापस घर आ गईं। 

क्या है पूरा मामला?
इस साल की शुरुआत में उडुपी जिले के कॉलेज की 6 छात्राओं ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर के आरोप लगाया था कि उन्हें हिजाब पहनकर कक्षा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। इसके बाद यह विवाद पूरे राज्य में फैल गया था। हिजाब के विरोध में कई छात्र-छात्राएं भगवा गमछे के साथ में स्कूल आने लगे थे। विवाद को बढ़ता देखकर राज्य में स्कूल-कॉलेजों को बंद भी करना पड़ा था। इसके बाद हिजाब पहनकर प्रवेश की अनुमति के लिए छात्राओं ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हालांकि, मुख्य न्यायाधिश रीतुराज अवस्थी की अध्यक्षता वाली बड़ी बेंच ने  छात्राओं की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि हिजाब पहनना इस्लाम धर्म में अनिवार्य नियम नहीं है। कोर्ट ने राज्य सरकार को हिजाब और किसी भी ऐसे कपड़े पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए थे जो शांति, सद्भाव और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ सकता है।
विज्ञापन


छात्राओं ने किया कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख
परीक्षा में प्रवेश की अनुमति न मिलने के बाद छात्राओं ने एक बार फिर से हाईकोर्ट का रुख किया है। वहीं, मामले पर राज्य के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने भी अपना बयान दिया है। सीएम बोम्मई ने कहा कि उन्हें अभी पूरी बात नहीं पता है। इस मामले को राज्य के शिक्षा मंत्री देखेंगे। 

लाउडस्पीकर विवाद पर भी दिया बयान
मुख्यमंत्री बोम्मई ने लाउडस्पीकर विवाद को लेकर भी बयान दिया है। उन्होंने बताया कि मुद्दे को सामंजस्यता से हल करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस थाना स्तर पर  शांति समिति की बैठक कर के लाउडस्पीकर के मुद्दे का समाधान करने का निर्देश दिया गया है। सभी लोगों को कानून का पालन करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अजान पर पहले से ही हाईकोर्ट का आदेश जारी है। उसके अनुसार एक पहले से एक परिपत्र जारी किया जा चुका है। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें