हाईकोर्ट ने नीट (यूजी) 2019 के नतीजों को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) और मेडिकल काउंसिल (एमसीआई) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। ओबीसी श्रेणी की छात्रा जसकीरत कौर ने याचिका दायर कर कहा है कि उसे गलत तरीके से रैंक दिया गया है। न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने याचिका पर नोटिस जारी करते हुए एनटीए और एमसीआई से पांच जुुुलाई से पहले जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई पांच जुलाई को होगी।
याची ने कहा है कि उसे ओबीसी श्रेणी में 90, 787 रैंक दिया गया है जबकि इस श्रेणी में कुल पास विद्यार्थियों की संख्या ही 63, 789 है। इस लिहाज से याची को दिया गया रैंक पूरी तरह से गलत है। याचिका में कहा गया है कि जब याची ने उत्तर पुस्तिका में से अपने अंकों का मिलान किया तो उसके अंक 400 थे, जबकि उसे गलत तरीके से 334 अंक दिए गए। याची के वकील नगेंद्र बेनीपाल ने कहा कि याची ने अपने परिणाम में स्पष्टीकरण व सुधार के लिए 14 जून 2019 को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को इस बाबत ज्ञापन दिया था, लेकिन इस पर अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। दाखिलों के लिए जल्द ही काउंसलिंग होनी वाली है। याची ने मांग की है कि एनटीए व एमसीआई को संशोधित व सही नतीजे घोषित करने का निर्देश दिया जाए।