छात्रों को दंडित करना नहीं बल्कि सुधार करना था उद्देश्य
उम्मीदवारों की ओर से पेश हुए वकील ने शेष संपत्तियों से ऐसी किसी भी सामग्री को हटाने का आश्वासन दिया। पीठ ने रेखांकित किया कि कार्यवाही का उद्देश्य छात्रों को दंडित करना नहीं बल्कि सुधार करना था।
अधिवक्ता प्रशांत मनचंदा ने संभावित DUSU उम्मीदवारों और छात्र संगठनों के खिलाफ सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने, उन्हें गंदा करने और नष्ट करने के आरोप में कार्रवाई की मांग करते हुए याचिका दायर की।
27 सितंबर को हुआ था मतदान
मतदान 27 सितंबर को हुआ, लेकिन मतगणना - जो 28 सितंबर को होनी थी - तब तक रोक दी गई जब तक कि पोस्टर, होर्डिंग और भित्तिचित्रों सहित सभी विकृत सामग्री को हटा नहीं दिया गया और सार्वजनिक संपत्ति को बहाल नहीं कर दिया गया।