11 अप्रैल को जिला शिक्षा अधिकारी की देखरेख में अध्यापक उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल उठाएंगे और घर पर ही कॉपियों का मूल्यांकन करेंगे। शिक्षकों को 22 अप्रैल तक यानी ग्यारह दिन में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर नंबरों का डाटा जमा करना होगा।
शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ जगबीर सिंह का कहना है कि अध्यापक घर पर लॉकडाउन के वक्त कॉपियों का सही से मूल्यांकन कर पाएंगे। उनका कहना है कि मूल्यांकन में जिन अधिकारी व विद्यालयों की ड्यूटी लगाई गई है उनको इस बात की सूचना दे दी गई है। उनका कहना है कि अगर मूल्यांकन के काम में स्टाफ की कमी पड़ती है तो इसे पूरा कराया जाएगा। गौरतलब है कि इस वक्त देश में 21 दिनों का लॉकडाउन चल रहा है जो कि 14 अप्रैल को खत्म हो रहा है। लॉकडाउन की वजह से कई राज्यों ने आठवीं तक के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के ही पास करने का फैसला लिया है। इन राज्यों में हरियाणा भी शामिल है।