फैसले को रोकने के लिए अस्थायी आदेश की मांग
हार्वर्ड ने कहा कि वह डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी को इस फैसले पर अमल करने से रोकने के लिए एक अस्थायी रोक (Temporary Restraining Order) की मांग करेगा।
वर्तमान में हार्वर्ड में लगभग 6,800 विदेशी छात्र पढ़ रहे हैं, जिनमें से अधिकांश ग्रेजुएट छात्र हैं और वे 100 से अधिक देशों से आते हैं।
प्रो-आतंकी माहौल और चीन से संबंध: सरकार के आरोप
गुरुवार को होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने यह फैसला जारी किया और हार्वर्ड पर आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय ने परिसर में "अमेरिका विरोधी और आतंकवाद समर्थक" तत्वों को यहूदियों पर हमला करने की छूट दी। साथ ही उस पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ मिलीभगत का भी आरोप लगाया गया, जिसमें कहा गया कि 2024 तक हार्वर्ड ने एक चीनी अर्धसैनिक समूह के सदस्यों को ट्रेनिंग दी थी।
हार्वर्ड की प्रतिक्रिया और बदलाव
हार्वर्ड के अध्यक्ष एलन गार्बर ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि विश्वविद्यालय ने पिछले डेढ़ साल में अपनी प्रशासनिक नीतियों में व्यापक बदलाव किए हैं, जिनमें यहूदी-विरोधी विचारों से निपटने की रणनीति भी शामिल है।
गार्बर ने कहा, "हम अपने कानूनी और मूलभूत सिद्धांतों पर डटे रहेंगे, चाहे इसके लिए हमें किसी भी तरह की सजा या प्रतिशोध का सामना क्यों न करना पड़े।" उन्होंने यह भी कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े आरोपों का जवाब उचित समय पर दिया जाएगा।
विदेशी छात्रों का डेटा मांगा गया
यह संकट तब शुरू हुआ जब 16 अप्रैल को होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम ने हार्वर्ड से कहा कि वह उन विदेशी छात्रों की जानकारी साझा करे, जो किसी भी तरह के विरोध या हिंसात्मक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं, ताकि उनके खिलाफ निर्वासन (deportation) की कार्रवाई की जा सके।
नोएम ने विश्वविद्यालय को 72 घंटे के भीतर विदेशी छात्रों से जुड़ी सभी फाइलें, ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग्स सहित सौंपने का अल्टीमेटम दिया है।
पहले भी हो चुका है टकराव
यह मुकदमा हार्वर्ड द्वारा ट्रंप प्रशासन के खिलाफ 2 बिलियन डॉलर की संघीय फंडिंग कटौती के खिलाफ दाखिल पहले के मुकदमे से अलग है। इससे साफ है कि विश्वविद्यालय और सरकार के बीच का टकराव लगातार बढ़ रहा है।
कोलंबिया यूनिवर्सिटी पर भी कार्रवाई
हार्वर्ड पर कार्रवाई के बाद, ट्रंप प्रशासन ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग (Health and Human Services) ने कहा कि कोलंबिया ने परिसर में फैले यहूदी-विरोधी माहौल (antisemitism) को लेकर "जानबूझकर अनदेखी" की है और यह Title VI of the Civil Rights Act का उल्लंघन है।
हालांकि, इस घोषणा में कोलंबिया पर नई सजा नहीं लगाई गई है, लेकिन यह विश्वविद्यालय पहले से ही 400 मिलियन डॉलर की संघीय फंडिंग कटौती का सामना कर रहा है। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि वे सरकार के साथ समाधान की दिशा में बातचीत कर रहे हैं।
कोलंबिया हाल ही में गाज़ा युद्ध के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बना था। जहां कुछ यहूदी छात्रों ने धार्मिक आधार पर खुद को निशाना बनाए जाने की शिकायत की, वहीं कई प्रदर्शनकारी (जिनमें कुछ यहूदी भी थे) ने कहा कि उनका विरोध इजराइल की नीतियों के खिलाफ था, न कि यहूदी धर्म के खिलाफ।