गुजरात में साल 2002 में हुए दंगे (गोधरा कांड) पर जस्टिस नानावती-मेहता आयोग की रिपोर्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राहत मिल गई है। यह रिपोर्ट 11 दिसंबर को गुजरात विधानसभा में पेश की गई। इसमें पीएम मोदी को क्लीन चिट दे दी गई है। इस बात की जानकारी गृह मंत्री प्रदीप सिंह ने विधानसभा में दी।
आयोग की रिपोर्ट में पीएम मोदी के साथ-साथ तत्कालीन मंत्री हरेन पांड्या, भरत बारोट और अशोक भट्ट को भी राहत दी गई है। हालांकि राहुल शर्मा, आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट और आरबी श्रीकुमार की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
क्या था गोधरा कांड? दंगों के मामले में पीएम मोदी पर क्या था आरोप? क्या है नानावती आयोग? कब और किस काम के लिए हुआ था नानावती आयोग का गठन? इन सभी सवालों के जवाब आगे पढ़ें।