जेईई (मुख्य) और यूजीसी-नेट परीक्षाओं में भाग लेने वाले अभ्यार्थियों के लिए एक अच्छी खबर है। सरकार ने जेईई (मुख्य) और यूजीसी-नेट की परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए 2.72 लाख से अधिक कंप्यूटर उपलब्ध कराए हैं। यह कदम उन छात्रों के लिए लिया गया है, जिनके पास कोई व्यक्तिगत कंप्यूटर या स्मार्टफ़ोन नहीं है।
आपको बता दें कि रविवार को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा देश के 662 जिलों में 3,404 टेस्ट प्रैक्टिस सेंटर (टीपीसी) शुरू किए गए थे। अच्छी बात यह है कि इन परीक्षण अभ्यास केंद्रों के माध्यम से उम्मीदवार पंजीकरण और कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) अभ्यास मुफ्त में ले सकते हैं।
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एनटीए द्वारा मोबाइल ऐप लॉन्च करने के साथ छात्र अब अपने निजी कंप्यूटर या स्मार्टफोन के माध्यम से ऑनलाइन नि:शुल्क परीक्षणों का फायदा उठा सकते हैं।
छात्रों की मांग पर टीपीसी की स्थापना की गई।
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल में 300 से ज्यादा केंद्र हैं।
8 और 9 सितंबर को ट्रायल मॉक परीक्षण का प्रारंभिक दौर आयोजित किया गया था।
लगभग 2,452 उम्मीदवारों ने देश भर में 96 टीपीसी में परीक्षा ली।
परीक्षा के बाद, उम्मीदवारों का आकलन किया गया और उनके परिणामों पर तत्काल प्रतिक्रिया प्रदान की गई।
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BSEB RESULT
रविवार को मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आश्वासन दिया कि संसाधनों की कमी के कारण उपस्थित छात्रों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा। उन्होंने Google Hangout के माध्यम से 1,993 उम्मीदवारों के साथ बातचीत की और परीक्षण के लिए उनसे सुझाव मांगा।
उम्मीदवार वे थे जो 16 राज्यों में 25 केंद्रों से मॉक परीक्षण के लिए उपस्थित हुए थे। जावड़ेकर ने कहा कि स्वयं मंच पर आईआईटी पाल (प्रोफेसर असिस्टेड लर्निंग) वीडियो व्याख्यान की मदद से छात्र आसानी से जेईई परीक्षा के लिए तैयार हो सकते हैं।
ऑनलाइन परीक्षा के लिए पंजीकरण करने के लिए, छात्र एनटीए वेबसाइट पर जा सकते हैं या Play Store पर उपलब्ध 'एनटीए छात्र ऐप' का उपयोग कर सकते हैं। मॉक परीक्षण ऑनलाइन उपलब्ध है ताकि छात्र घर पर या कहीं भी आसानी से अध्ययन कर सकें। वर्तमान में केन्द्रीय विद्यालयों में 689 टीपीसी स्थापित किए गए हैं और जवाहर नवोदय विद्यालयों में 403 हैं जबकि उत्तर-पूर्वी राज्यों में 163 टीपीसी हैं, जम्मू-कश्मीर में 47 है।