फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

IITK: आईआईटी कानपुर में छात्र आत्महत्याओं की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित, 15 दिनों में सौंपेगी रिपोर्ट

Thu, 22 Jan 2026 07:36 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

IIT Kanpur: आईआईटी कानपुर में हाल में हुई छात्र आत्महत्याओं के मामलों की समीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कारणों की जांच करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के उपाय सुझाएगी। रिपोर्ट 15 दिनों में सौंपी जाएगी।
 
विज्ञापन
आईआईटी कानपुर में पिछले एक महीने से भी कम समय में दो छात्र आत्महत्या के मामले सामने आए - फोटो : Official X handle of IITK
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

IIT Kanpur: केंद्र सरकार ने आईआईटी कानपुर में हाल के दिनों में सामने आए छात्र आत्महत्या के मामलों को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति न केवल इन मामलों की समीक्षा करेगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को मजबूत करने के लिए ठोस सुझाव भी देगी।

विज्ञापन


यह कमेटी जुलाई 2023 में जारी उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों की इमोशनल और मेंटल वेलबीइंग के लिए फ्रेमवर्क गाइडलाइंस के साथ आईआईटी कानपुर के कम्प्लायंस की भी समीक्षा करेगी।

अनिल सहस्रबुद्धे की अध्यक्षता में काम करेगी समिति

सरकार द्वारा गठित इस समिति की अध्यक्षता राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी मंच (NETF) के अध्यक्ष अनिल सहस्रबुद्धे करेंगे। समिति में वरिष्ठ मनोचिकित्सक जितेंद्र नागपाल और उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।



यह भी पढ़ें: पिछले पांच वर्षों में आईआईटी में 65 छात्रों ने की आत्महत्या, सबसे अधिक IIT Kanpur में 9 मौतें

15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी कमेटी

समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपे। रिपोर्ट में आत्महत्या के कारणों का विश्लेषण, संस्थान में उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य सहायता व्यवस्था की समीक्षा और छात्रों के लिए बेहतर परामर्श एवं सहयोग तंत्र विकसित करने से जुड़े सुझाव शामिल होंगे।

गौरतलब है कि पिछले एक महीने के भीतर आईआईटी कानपुर में दो छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं के बाद शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के मानसिक दबाव, तनाव और सहायता प्रणालियों को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं, जिसके चलते सरकार ने यह कदम उठाया है।

सरकार का मानना है कि समिति की सिफारिशें न केवल आईआईटी कानपुर, बल्कि देश के अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में भी छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मददगार साबित होंगी।

यह भी पढ़ें: दो आत्महत्याओं के बाद आईआईटी कानपुर का बड़ा कदम, अब छात्रों के लिए मेंटल हेल्थ टेस्ट होगा अनिवार्य
विज्ञापन

एक महीने से भी कम समय में दो मामले सामने आ चुके

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर में एक महीने से भी कम समय में आत्महत्या की दो घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पीएचडी छात्र रामस्वरूप ईश्वरम (25) की मंगलवार को कैंपस में स्थित एक आवासीय भवन की छठी मंजिल से कथित तौर पर कूदकर आत्महत्या करने से मौत हो गई। 29 दिसंबर को, जीव विज्ञान और जैव इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के बीटेक छात्र, 26 वर्षीय जय सिंह मीना, अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाए गए थे।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें