आईटीआई छात्रों को मिलेगा 12वीं के बराबर दर्जा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब 10वीं के बाद दो साल का आईटीआई कोर्स करने वाले छात्रों को भी वही शैक्षणिक मान्यता मिलेगी, जो 12वीं पास छात्रों को मिलती है।
इसके लिए गोवा बोर्ड की ओर से उन्हें आधिकारिक समकक्षता प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इससे आईटीआई छात्रों को आगे की पढ़ाई और नौकरी के लिए ज्यादा अवसर मिल सकेंगे।
अब उच्च शिक्षा में दाखिला लेना होगा आसान
राज्य सरकार ने आईटीआई और कॉलेजों के बीच सहयोग बढ़ाने की भी व्यवस्था की है। इसके तहत व्यावसायिक शिक्षा लेने वाले छात्र आगे कॉलेजों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिला ले सकेंगे।
सरकार का मानना है कि इससे आईटीआई छात्रों को पारंपरिक शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के बराबर अवसर मिलेंगे।
रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि इन बदलावों का मकसद केवल शैक्षणिक मान्यता देना नहीं है, बल्कि आईटीआई छात्रों की रोजगार क्षमता को भी मजबूत करना है। इससे उद्योगों और कंपनियों में कौशल आधारित नौकरियों के लिए उनके अवसर बढ़ेंगे।
कौशल विकास पर सरकार का फोकस
उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिभा और नवाचार के क्षेत्र में दुनिया का बड़ा केंद्र बनाने के लिए कौशल विकास बहुत जरूरी है। स्किल इंडिया मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 जैसी योजनाएं युवाओं को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक तैयार कर रही हैं।
'विकसित भारत' के लिए युवाओं को सशक्त बनाना जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए युवाओं को शिक्षा, कौशल और नई सोच से जोड़ना जरूरी है। सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है।
शिक्षकों और खिलाड़ियों की भी सराहना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और छात्रों को बधाई दी। उन्होंने विश्व योगासन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले गोवा के खिलाड़ियों की भी तारीफ की। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि 10 साल की सेवा पूरी कर चुके संविदा शिक्षकों को नियमित नियुक्ति में प्राथमिकता दी जाएगी।