गोवा में विभिन्न स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दी गई है। सूबे की सरकार ने इस बात की जानकारी दी है। राज्य के शिक्षा निदेशक सुरेश अमोनकर द्वारा जारी एक परिपत्र में कहा गया है कि सूबे में स्कूल, शिक्षण संस्थान व कोचिंग संस्थान 31 जुलाई तक बंद रहेंगे। ऐसे में स्कूलों के टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ घर से काम करेगा।
उन्होंने कहा कि सूबे में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के कर्मचारी लंबे वक्त से घर से काम करने की अमुमति मांग रहे थे। ऐसे में अब टीचिंग व नॉन-टीचिंग स्टाफ को घर से काम करने की अनुमति दी गई है। सूबे में 24 जुलाई तक कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या बढ़कर 4,540 हो गई है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस की वजह से इस वक्त सभी स्कूल व शिक्षण संस्थान बंद हैं और विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम के जरिए शिक्षा दी जा रही है। शिक्षा निदेशक ने कहा कि सरकारी आंकडों के मुताबिक, चार शिक्षक व एक चपरासी कोरोना वायरस पॉजिटिव आया है।
इसे भी पढ़ें-CTET 2020 : प्रैक्टिस की कमी से टूट सकता है आपका सरकारी टीचर बनने का सपना
वहीं, इस बीच गोवा बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन (GBSHSE) ने 28 जुलाई के बाद कक्षा 11 के छात्रों के लिए ऑनलाइन प्रवेश शुरू करने की संभावना के बारे में स्कूलों से पूछा है। 28 जुलाई को दसवीं कक्षा के नतीजे जारी होंगे और उसके बाद स्कूलों में ग्यारहवीं कक्षा में ऑनलाइन दाखिले की संभावना के बारे में शिक्षा विभाग ने जानकारी देने के लिए कहा है।
इसे भी पढ़ें-बेहतर सैलरी के लिए जरूरी है अंग्रेजी पर मजबूत पकड़
शिक्षा निदेशक सुरेश अमोनकर ने कहा कि शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारी जहां तक संभव हो घर से काम करेंगे और उन्हें अनावश्यक रूप से स्कूल / संस्थानों में नहीं बुलाया जाना चाहिए। अधिसूचना में कहा गया है कि इस अवधि के दौरान शिक्षकों को मूल वीडियो, नोट्स, फीडबैक फॉर्म, प्रश्नावली, विभिन्न ओईआर (ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेज) का उपयोग करते हुए असाइनमेंट तैयार करने और ऑनलाइन प्रशिक्षण का पूरा उपयोग करने के लिए कहा गया है।ऑनलाइन कक्षाओं को दिन में दो घंटे से अधिक समय तक आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।