राजस्थान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (RAS- Rajasthan Administrative Service) से जुड़े नियमों में संशोधन किया गया है। बता दें, अब यूपीएससी की तर्ज पर आरएएस की भर्ती परीक्षा होंगी। ये संशोधन न्यायिक पचड़ों को मिटाने के लिए अशोक गहलोक सरकार द्वारा किया गया है। पुराने नियम के अनुसार, श्रेणीवार रिक्तियों के 15 गुना उम्मीदवार ही मुख्य परीक्षा में शामिल होने के पात्र थे, जिसके कारण कई बार आरक्षित वर्ग की कटऑफ सामान्य वर्ग की तुलना में ज्यादा हो जाती थी और समस्या को सुलझाने के लिए कोर्ट की मदद लेनी पड़ती थी। लेकिन अब सरकार ने इसका हल निकाल लिया है।
संशोधित नियमों के मुताबिक, साल में होने वाली अनुमानित रिक्तियों के 15 गुना अभ्यर्थियों को मेंस परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र माना जाएगा। ध्यान दें कि इसके लिए कार्मिक विभाग ने एक अधिसूचना जारी की है, जिससे स्पष्ट होता है कि साल 2013, 2016 और 2018 में हुई मुख्य परीक्षा में केवल उन आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को बुलाया जाएगा, जिन्होंने प्रीलिम्स में सामान्य वर्ग के बाराबर या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। पिछले साल सरकार ने एक कमेटी तैयार की थी, जिसकी सिफारिश के आधार पर ये निर्णय लिया गया है। आईएएस आशीष मोदी, केके शर्मा, आरएएस जयसिंह की कमेटी में यूपीएससी पैटर्न पर अध्ययन किया और बनाई गई रिपोर्ट पर नियमों का संशोधन किया गया।