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जैसा गांधी जी चाहते थे क्या वैसा बन रहा है कल का भारत?

Mon, 01 Oct 2018 05:42 PM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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महात्मा गांधी - फोटो : self
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गांंधीजी के लिए शिक्षा का जो महत्व था उसका वर्णन शब्दों में करना मुश्किल है। वे देश को शिक्षित देखना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने अनेक योजनाएं भी बनाईं थी। गांधीजी के अनुसार शिक्षा का अर्थ था, 'छात्रों के शरीर, मस्तिष्क और आत्मा में जाये जाने वाले सर्वोत्तम गुणों का चहुंमुखी विकास हो।' अर्थात छात्र के सर्वांगीण विकास हेतु उसके शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक गुणों का विकास होना अनिवार्य है। 

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आइए इस वीडियो के जरिये जानते हैं कि क्या जो बच्चे देश का भविष्य बनने वाले हैं, वो उनके विचारों को आज कितना आवश्यक मानते हैं:

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