शोध लेख डाउनलोड करने वाले शीर्ष संस्थान: आईआईटी मद्रास के बाद भारतीय विज्ञान संस्थान बंगलूरू 28.3 लाख डाउनलोड के साथ दूसरे स्थान पर रहा। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (15.3 लाख) और दिल्ली विश्वविद्यालय (14.2 लाख) प्रमुख उपयोगकर्ताओं में रहे। राज्य विश्वविद्यालयों में अन्ना विश्वविद्यालय 7.8 लाख डाउनलोड के साथ शीर्ष पर रहा। वहीं, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (7.3 लाख) के अलावा, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों ने भी बड़ी संख्या में डाउनलोड दर्ज किए।
प्रकाशकों और डाउनलोड का आंकड़ा: इस मंच पर हर महीने लगभग एक करोड़ लेख डाउनलोड हो रहे हैं। अभी इसमें एल्सेवियर, स्प्रिंगर नेचर, विली, टेलर एंड फ्रांसिस, आईईईई, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस जैसे 30 यह मंच onos.gov.in पोर्टल के जरिए संचालित होता है। इसे सूचना और पुस्तकालय नेटवर्क केंद्र संचालित करता है। शोधकर्ता संस्थागत लॉग-इन या आईपी आधारित पहुंच से जर्नल यानी लेख पढ़ सकते हैं।
डिजिटल पोर्टल और अतिरिक्त सुविधाएं
यह पहल शोधकर्ताओं के लिए लेख प्रकाशन शुल्क (एपीसी) की मदद भी देती है। इससे उन्हें 430 से अधिक गोल्ड ओपन-एक्सेस जर्नल्स (प्रकाशित शोध लेखों को बिना किसी शुल्क के पाठकों के लिए तुरंत और मुफ्त में ऑनलाइन उपलब्ध कराते हैं।) में प्रकाशन की सुविधा मिलती है। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि यह योजना टियर-2 और टियर-3 शहरों के शोधकर्ताओं को भी वैश्विक शोध सामग्री तक पहुंच देकर देश में वैज्ञानिक और बहु-विषयक अनुसंधान को मजबूत कर रही है।