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FRCA License: आईआईटी दिल्ली, जामिया समेत 6000 प्रतिष्ठान अब नहीं ले सकेंगे विदेश से चंदा, 22762 एनजीओ में से 16829 का ही हुआ पंजीकरण

Sat, 01 Jan 2022 05:19 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

करीब 6 हजार संस्थानों के एफआरसीए पंजीयन रद्द होने के पीछे मुख्य वजह संस्थानों द्वारा दोबारा आवेदन न करना और गृह मंत्रालय द्वारा कई आवेदन को रद्द कर देना भी रहा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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विस्तार
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आईआईटी (दिल्ली), जामिया मिलिया इस्लामिया, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और ऑक्सफैम इंडिया समेत करीब 6000 संस्थानों का विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) पंजीकरण रद्द हो गया है। ये संस्थान अब विदेशी चंदा हासिल नहीं कर सकेंगे। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक यह भी हो सकता है कि इन संस्थानों ने एफसीआरए पंजीकरण के लिए आवदेन ही नहीं किया हो।
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विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम से संबंधित आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, जिन संगठनों और संस्थानों का एफसीआरए के तहत पंजीकरण समाप्त हो गया है या वैधता समाप्त हो गई है, उनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल फाउंडेशन, लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वुमन, दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग शामिल हैं। देश में शुक्रवार तक 22,762 एफसीआरए-पंजीकृत एनजीओ थे। शनिवार को, यह घटकर 16,829 रह गया, क्योंकि 5,933 एनजीओ ने कामकाज बंद कर दिया।

जिन संगठनों का एफसीआरए पंजीकरण समाप्त हो गया है, उनमें मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई), इमैनुएल हॉस्पिटल एसोसिएशन, जो पूरे भारत में एक दर्जन से अधिक अस्पताल चलाता है, ट्यूबरकोलोसिस एसोसिएशन ऑफ इंडिया, विश्व धर्मायतन, महर्षि आयुर्वेद प्रतिष्ठान, नेशनल फेडरेशन ऑफ फिशरमैन कोऑपरेटिव्स लिमिटेड शामिल हैं।
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जेएनयू न्यूक्लियर साइंस सेंटर, गोदरेज, डीपीएस सोसायटी का भी पंजीकरण रद्द जेएनयू में न्यूक्लियर साइंस सेंटर, गोदरेज मेमोरियल ट्रस्ट, इंडिया हैबिटेट सेंटर, हमदर्द एजुकेशन सोसाइटी, दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल वर्क सोसाइटी, भारतीय संस्कृति परिषद, डीएवी कॉलेज ट्रस्ट एंड मैनेजमेंट सोसाइटी, दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसाइटी, इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर और अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच भी इन संस्थानों में शामिल है।
विदेशी चंदा पाने के लिए एफसीआरए पंजीकरण जरूरी  एफसीआरए के तहत पंजीकृत गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) और इसके सहयोगियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाले केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि अधिनियम के तहत पंजीकरण शनिवार (1 जनवरी) को समाप्त माना गया है। विदेशी चंदा हासिल करने के लिए किसी भी संगठन और एनजीओ के लिए एफसीआरए पंजीकरण अनिवार्य है।
गृह मंत्रालय ने 31 मार्च तक बढ़ाई थी लाइसेंस की वैधता केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को देशभर के गैर सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) के एफसीआरए पंजीकरण की वैधता को तीन महीने बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दिया था। मंत्रालय ने अपने नोटिस में साफ कर दिया  था कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी जैसे संगठन एफसीआरए पंजीकरण के विस्तार के लाभों के लिए पात्र नहीं होंगे, जिनके आवेदन को पहले ही खारिज कर दिया गया है।

नोटिस में कहा गया कि जन हित में केंद्र ने गैर सरकारी संगठनों को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्रों की वैधता को 31 मार्च 2022 तक या उनके नवीनीकरण संबंधी आवेदन के निपटान की तिथि तक बढ़ाने का फैसला किया है। इसका लाभ ऐसे एनजीओ को होगा जिनके पंजीकरण की मान्यता 29 सितंबर 2020 और 31 मार्च 2022 के बीच खत्म हो रही है और जिन्होंने प्रमाणपत्रों की वैधता समाप्त होने से पहले नवीनीकरण के लिए एफसीआरए पोर्टल पर आवेदन किए हैं।
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