अमेरिकी अधिकारियों के अनुरोध पर, गुजरात के मेहसाणा जिले में पुलिस ने एक कथित रैकेट का पता लगाने के लिए एक जांच शुरू की है।
एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि अपात्र छात्रों को कनाडा में कॉलेजों में प्रवेश प्राप्त करने के लिए उच्च अंतरराष्ट्रीय अंग्रेजी भाषा परीक्षण प्रणाली (IELTS) स्कोर हासिल करने में मदद मिल रही है। फिर उन्हें अमेरिका में तस्करी कर लाया जा सकता है। इसका पता लगाया जाएगा।
परीक्षा लेने वाली एजेंसी ने नहीं बरती कोई पारदर्शिता
मामले के बारे में जानकारी देते हुए जांच टीम का नेतृत्व कर रहे मेहसाणा पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) के इंस्पेक्टर भावेश राठौड़ ने कहा कि अब तक की जांच से पता चला है कि परीक्षा लेने वाली एजेंसी ने कोई पारदर्शिता नहीं बरती, क्योंकि पिछले साल सितंबर में हुई परीक्षा के दौरान एग्जाम हॉल के सीसीटीवी बंद कर दिए गए थे। इस साल मार्च में, अमेरिकी सीमा अधिकारियों ने गुजरात के छह युवाओं को कनाडा से देश में अनधिकृत प्रवेश लेने के प्रयास के दौरान गिरफ्तार किया था।
घुसपैठ के दौरान पकड़े गए थे, कोर्ट में नहीं बोल पाए अंग्रेजी
राठौड़ ने कहा कि गुजरात के इन छह भारतीय युवकों, जो कि 19 से 21 वर्ष आयु वर्ग के हैं। कनाडा की सीमा के करीब अमेरिका के एक्वेसने में सेंट रेजिस नदी में एक डूबती नाव से पकड़े गए थे। इन युवकों में से चार मेहसाणा के हैं, और दो गांधीनगर और पाटन के हैं।
राठौड़ ने कहा कि जब उन्हें अमेरिका में एक अदालत के सामने पेश किया गया, तो वे न्यायाधीश द्वारा पूछे गए सवालों का अंग्रेजी में जवाब देने में विफल रहे। इनके लिए अदालत को हिंदी से अंग्रेजी अनुवादक की मदद लेनी पड़ी। अदालत इन्हें अंग्रेजी बोल पाने में असमर्थ देखकर चकित थी क्योंकि इन छात्रों ने अंग्रेजी दक्षता परीक्षा आईलेट्स में 6.5 से 7 बैंड हासिल किए थे। इसके बाद आईलेट्स टेस्ट स्कोर में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया।
अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास ने किया था जांच का अनुरोध
राठौड़ ने बताया कि बाद में, घटना पर मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए, मुंबई में अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास की आपराधिक धोखाधड़ी जांच इकाई ने मेहसाणा पुलिस को जांच करने के लिए एक ई-मेल भेजा कि यह पता लगाया जाए कि मेहसाणा के इन चार छात्रों- ध्रुव पटेल, नील पटेल, उर्विश पटेल और सावन पटेल ने बहुत अधिक अंक कैसे प्राप्त किए और कौन सी एजेंसी या एजेंट शामिल थे।
इंग्लिश स्पोकन प्रोफिशिएंसी के लिए होता है एग्जाम
बता दें कि आईलेट्स गैर अंग्रेजी भाषा बोलने वालों के लिए इंग्लिश स्पोकन प्रोफिशिएंसी के लिए इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का एग्जाम है। कई देशों में अच्छे कॉलेजों में प्रवेश के लिए आईलेट्स स्कोर अच्छा होना आवश्यक है। यहां तक कि होनहार छात्रों को भी आईलेट्स में 5 या 6 बैंड प्राप्त करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है।