विदेशी भाषा के लिए भी तय की गई शर्तें
CBSE ने बताया है कि नई तीन-भाषा नीति को लागू करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश 15 जून तक जारी कर दिए जाएंगे। इनमें यह बताया जाएगा कि छात्रों के लिए अतिरिक्त अध्ययन सामग्री कैसे चुनी जाएगी और उसका उपयोग कैसे किया जाएगा।
15 मई को जारी परिपत्र के अनुसार, अगर कोई छात्र विदेशी भाषा पढ़ना चाहता है, तो उसे पहले दो भारतीय भाषाएं पढ़नी होंगी। इसके बाद ही वह विदेशी भाषा को तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में चुन सकेगा।
परिपत्र में कहा गया है, "1 जुलाई, 2026 से कक्षा 9 के लिए तीन भाषाओं (आर1, आर2, आर3) का अध्ययन अनिवार्य होगा, जिनमें से कम से कम दो भारतीय मूल भाषाएं होनी चाहिए।"
बोर्ड ने यह भी कहा है कि जब तक नई भाषा की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हो जातीं, तब तक छात्र उस भाषा की कक्षा 6 की किताबों के 2026-27 संस्करण से पढ़ाई कर सकेंगे।