AI Education: दिल्ली के स्कूलों में पांच लाख छात्र दिसंबर से मार्च तक एआई की बारीकियां सीखेंगे, जिसमें शिक्षक मेंटर के रूप में मार्गदर्शन करेंगे। इस पहल का उद्देश्य छात्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति जागरूकता और कौशल विकसित करना है।
Artificial Intelligence: दिल्ली के स्कूलों में छात्र एआई (Artificial Intelligence) की बारीकियों से परिचित होंगे। दिल्ली सरकार छठी से बारहवीं तक की कक्षाओं के बच्चों के लिए दिल्ली एआई ग्राइंड अभियान लागू करने जा रही है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इनोवेशन चैलेंज है जो कि दिसंबर से मार्च तक लागू होगा। प्रोग्राम का मकसद छात्रों में एआई जागरुकता, समस्या समाधान और भविष्य स्किल्स लर्निंग को मजबूत करना है।
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शिक्षा निदेशक वेदिथा रेड्डी ने इस संबंध में एक परिपत्र सभी स्कूल प्रमुखों के लिए जारी किया है। दिल्ली एआई ग्राइंड एक इनोवेशन अभियान है, जिसका मकसद पांच लाख युवा दिमागों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके दुनिया की चुनौतियों को हल करने के लिए मजबूत बनाना है। यह सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में लागू होगा। यह दिल्ली के सभी एजुकेशन डिस्ट्रिक्ट में लागू होगा, और उसके बाद जरूरत के हिसाब से फॉलो-अप गतिविधियां भी होंगी। इस प्रोग्राम में छठी से बारहवीं के छात्रों के लिए हिस्सा लेना जरूरी होगा।
यह प्रोग्राम डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन, हायर एंड टेक्निकल एजुकेशन की लीडरशिप में की ओर से वीआईएसवी फाउंडेशन के सहयोग से किया जा रहा है। दिल्ली एआई ग्राइंड प्रोग्राम में ओरिएंटेशन सेशन, स्कूल-लेवल मिनी ग्राइंड, जिला स्तर पर मूल्यांकन, और कई अन्य गतिविधियां शामिल होंगी। यह प्रोग्राम शिक्षा निदेशालय के पहले से चल रहे नींव प्रोग्राम (न्यू इरा ऑफ एंटरप्रेन्योरियल इकोसिस्टम एंड विजन) के तहत चलाया जाएगा।
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स्कूल इनोवेशन काउंसिल और नींव प्रोग्राम के शिक्षक जहां भी जरूरत हो वहां छात्र टीमों को मेंटर के रूप से सहयोग करेंगे। शिक्षा निदेशक ने शिक्षा निदेशालय के तहत आने वाले सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वह इस प्रोग्राम में अनिवार्य रूप से छात्रों की सहभागिता को सुनिश्चित करें।