डीयू शीर्ष 500 में शुमार
पहली बार दिल्ली विश्वविद्यालय और अन्ना यूनिवर्सिटी दुनिया के शीर्ष 500 की सूची में शुमार हो गए हैं। आईआईटी बॉम्बे, गुवाहाटी, दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू, आईआईटी भुवनेश्वर, पंजाब यूनिवर्सिटी, थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस पिलानी, वीआईटी की रैंकिंग में सुधार आया है। जबकि आईआईएसी बंगलुरु, आईआईटी दिल्ली, खड़गपुर, कानपुर, मद्रास, इंदौर, हैदराबाद, सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी पुने, जादवपुर यूनिवर्सिटी, ओपी जिंदल, जामिया मिल्लिया इस्लामिया की रैंक में गिरावट आई है।
दिल्ली के आईपीयू समेत 4 विवि नए जुड़े
पहली बार दिल्ली के गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय समेत 4 नए भारतीय विश्वविद्यालयों ने रैंकिंग में जगह बनाई है। इसमें पेट्रोलियम विश्वविद्यालय और ऊर्जा अध्ययन (यूपीईएस), चितकारा विश्वविद्यालय, गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय और भारतीय सांख्यिकी संस्थान शामिल हैं।
रिसर्च की गुणवत्ता से आईआईटी बॉम्बे की रैंक सुधरी
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे भारतीय उच्च शिक्षा के लिए नए पथप्रदर्शक के रूप में उभरा है। पिछले पांच सालों में अनुसंधान की गुणवत्ता और प्रतिष्ठा में लगातार सुधार के कारण टॉप 150 की सूची में शुमार हुआ है। इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, नैचुरल साइंस के अनुसंधान में करीब 17 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। अनुसंधान गुणवत्ता के कारण इसका 30 फीसदी आउटपुट प्रभाव से शीर्ष 10 फीसदी अकादमिक पत्रिकाओं में प्रकाशित होता है। यह वैश्विक औसत 6 फीसदी और भारतीय संस्थानों के औसत से 15 फीसदी अधिक है।