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Fake News Alert: अमर उजाला के नाम पर फैला रहे झूठी खबर, BEd प्रवेश-छात्रवृत्ति को लेकर किया जा रहा फर्जी दावा

Sat, 27 Jun 2026 07:09 PM IST
Akash Kumar एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Fake News Alert: अमर उजाला के नाम पर बीएड दाखिले से जुड़ी फर्जी जानकारी प्रसारित की जा रही है। एक फर्जी स्क्रीनशॉट के माध्यम से बीएड में प्रवेश और छात्रवृत्ति से संबंधित भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। इस खबर को संज्ञान में लिया गया है और इसे प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
 
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अमर उजाला के नाम पर प्रसारित फर्जी खबर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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Fake News Alert: सोशल मीडिया पर इन दिनों अमर उजाला के नाम और लोगो का इस्तेमाल करके एक फर्जी खबर का स्क्रीनशॉट वायरल किया जा रहा है। इसमें दावा किया गया है, "बी.एड. में डायरेक्ट एडमिशन पर नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति शासन ने लगाई रोक, 51,250 रुपये जमा करना अनिवार्य तभी आएगी छात्रवृत्ति।"

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इस वायरल दावे से बी.एड. कर रहे और नए सत्र में एडमिशन लेने वाले हजारों अभ्यर्थियों के बीच भ्रम और चिंता की स्थिति बन गई है। आइए जानते हैं पूरा मामला और वायरल फर्जी स्क्रीनशॉट का पूरा सच।

वायरल सक्रीनशॉट में क्या दावा किया गया है?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर की जा रही इस इमेज में लिखा है कि लखनऊ में शासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत बी.एड. में डायरेक्ट एडमिशन लेने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ तभी मिलेगा जब वे 51,250 रुपये का शुल्क जमा करेंगे। स्क्रीनशॉट के ऊपर अमर उजाला का लोगो लगा हुआ है।

क्या है असली सच्चाई?

जांच के बाद सामने आया कि अमर उजाला ने ऐसी कोई खबर प्रकाशित नहीं की। यह समाचार अमर उजाला के किसी भी संस्करण, डिजिटल प्लेटफॉर्म या सोशल मीडिया हैंडल पर कभी भी प्रकाशित नहीं हुआ है।

एडिटिंग टूल्स का हुआ है इस्तेमाल

ध्यान से देखने पर साफ पता चलता है कि किसी शरारती तत्व ने डिजिटल एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से अमर उजाला के लोगो के नीचे किसी अन्य फॉन्ट और फॉर्मेट में इस मनगढ़ंत फर्जी खबर को जोड़ दिया है। समाचार में इस्तेमाल फॉन्ट, लिखने की शैली और व्याकरण भी हमारे मानकों से मेल नहीं खाते हैं।
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पाठकों और छात्रों से अपील

हम अपने सभी पाठकों और विशेषकर छात्र वर्ग से अपील करते हैं कि सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड होने वाले किसी भी स्क्रीनशॉट या खबर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी महत्वपूर्ण सरकारी योजना, फीस या छात्रवृत्ति से जुड़ी जानकारी की पुष्टि हमारी वेबसाइट या संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से जरूर करें। इस प्रकार की झूठी खबरों को आगे शेयर करने से बचें।
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