कोरोना महामारी के कारण लंबे समय से बंद पड़े शिक्षण संस्थानों को पुन: खोले जाने को लेकर कई तरह की कयासबाजी सोशल मीडिया पर लगातार शेयर होती रहती है। इस बार भी दिल्ली विश्वविद्यालय को लेकर सोशल मीडिया पर गहमागहमी बनी है। डीयू और डीयू के कॉलेजों की रीओपनिंग को लेकर एक अधिसूचना वायरल हो रही है। इसे लेकर डीयू प्रशासन ने भी स्पष्टीकरण जारी किया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय ने डीयू को फिर से खोलने पर एक नोटिस साझा किया है और वायरल अधिसूचना को फर्जी करार दिया है। दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा साझा किए गए वायरल फर्जी नोटिस में कहा गया है कि डीयू के कॉलेज, विभाग और केंद्र चरणबद्ध तरीके से खुलेंगे। नोटिस में डीयू के 2021 को फिर से खोलने के संबंध में दिशा-निर्देश और अन्य विवरण भी दिए गए हैं। नोटिस के अनुसार, सभी यूजी / पीजी पाठ्यक्रमों के लिए कक्षाएं 04 अक्तूबर, 2021 से ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएंगी। दिल्ली से बाहर रहने वाले छात्रों को सुचारू स्थानांतरण और ऑफलाइन संचालन सुनिश्चित करने के लिए कम से कम 10 दिनों की पर्याप्त समय-सीमा दी जानी चाहिए। सरकारी दिशा-निर्देशों के सख्त प्रवर्तन के साथ वर्गीकृत किया जाएगा।
नोटिस में आगे कहा गया है कि कक्षाओं में किसी भी समय छात्रों की संख्या बैठने की कुल क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। इसमें कहा गया है कि संस्थान के प्रमुख के निर्णय के अनुसार छात्रों को अकादमिक परामर्श और नियुक्ति के उद्देश्य से भी शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है। साथ ही छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य नहीं होगी। वायरल नोटिस में आगे लिखा गया है कि कॉलेजों/ विभागों/ केंद्रों के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को जल्द से जल्द COVID-19 वैक्सीन की दोनों खुराक प्राप्त करनी चाहिए।
दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर चेतावनी सूचना जारी की गई है। इसमें लिखा है कि यह वायरल सर्कुलर भ्रामक है, अधिसूचना नोटिस फेक यानी फर्जी है।