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PM Modi: परीक्षा ही सब कुछ नहीं, असली काबिलियत सीखने और विकास में है; पॉडकास्ट में बोले पीएम मोदी

Sun, 16 Mar 2025 10:30 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

PM Modi Podcast: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परीक्षा ही सब कुछ नहीं होती, यह सीखने और आत्मविकास की एक छोटी सी कड़ी है। माता-पिता को बच्चों पर रैंकिंग का दबाव नहीं डालना चाहिए। आत्मविश्वास, सीखने की लगन और व्यावहारिक ज्ञान जीवन में सफलता की कुंजी हैं।
 
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PM Modi - फोटो : X(@narendramodi)
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विस्तार
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PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सिर्फ़ अकादमिक नंबर ही किसी छात्र की असली क्षमता को नहीं दर्शाते और परीक्षा, सीखने और आत्मविकास की बड़ी यात्रा का एक छोटा सा हिस्सा है।

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रविवार को पॉडकास्ट लेखक और शोध वैज्ञानिक लेक्स फ्रिडमैन के साथ बातचीत में पीएम मोदी ने बताया कि समाज में एक अजीब मानसिकता विकसित हो गई है, जहां स्कूल भी अपनी सफलता को छात्रों की रैंकिंग से आंकने लगे हैं।

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बच्चों पर बढ़ता दबाव

उन्होंने कहा कि माता-पिता भी अपने बच्चों की ऊंची रैंक को गर्व का विषय मानते हैं क्योंकि इससे उनकी सामाजिक और शैक्षिक प्रतिष्ठा बढ़ती है। लेकिन इस सोच के कारण बच्चों पर भारी दबाव बन जाता है और वे मानने लगते हैं कि उनकी पूरी ज़िंदगी सिर्फ़ 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं पर निर्भर है।

पीएम मोदी ने कहा, "हमारी नई शिक्षा नीति में इस समस्या को दूर करने के लिए बड़े बदलाव किए गए हैं, लेकिन जब तक ये बदलाव जमीन पर लागू नहीं होते, तब तक मैं इसे अपनी जिम्मेदारी मानता हूं कि मैं बच्चों की बात सुनूं, उनके बोझ को कम करूं।"
 

परीक्षा ही सब कुछ नहीं

प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षाएं ज्ञान को परखने का एक माध्यम हैं, लेकिन वे किसी व्यक्ति की पूरी क्षमता को नहीं माप सकतीं। उन्होंने समझाया, "बहुत से लोग अकादमिक रूप से टॉप नहीं करते, लेकिन क्रिकेट में शतक लगा सकते हैं क्योंकि वहीं उनकी असली ताकत होती है। जब ध्यान वास्तविक सीखने पर होता है, तो नंबर अपने आप बेहतर हो जाते हैं।"

माता-पिता की सोच में बदलाव जरूरी

उन्होंने माता-पिता को सलाह दी कि वे अपने बच्चों को ट्रॉफी या समाज में दिखाने के लिए कोई मॉडल न समझें।

"माता-पिता को यह समझने की ज़रूरत है कि उनके बच्चे सिर्फ दिखावे के लिए नहीं हैं। यह सिर्फ यह कहने के लिए नहीं होना चाहिए कि ‘देखो, मेरे बच्चे के कितने अच्छे नंबर आए हैं’। बच्चों को स्टेटस सिंबल की तरह इस्तेमाल करना बंद करना चाहिए।"

उन्होंने छात्रों को भी सुझाव दिया कि वे परीक्षा के लिए पहले से अच्छी तैयारी करें ताकि आत्मविश्वास के साथ और बिना तनाव के परीक्षा दे सकें।

पीएम मोदी ने कहा, "जो लोग आत्मविश्वास में कमी महसूस करते हैं, वे लगातार ध्यान भटकाने वाली चीज़ें ढूंढते रहते हैं। लेकिन अगर आपने सही मेहनत की है, तो बस एक मिनट लें, गहरी सांस लें, दिमाग को शांत करें और पूरी एकाग्रता के साथ आगे बढ़ें।"
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सीखने की कला

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बचपन के शिक्षकों के बारे में भी बताया, जिन्होंने अनोखे तरीकों से पढ़ाई को रोचक बनाया। उन्होंने कहा कि वे पहले किताबों से बहुत कुछ सीखते थे, लेकिन अब वे हर पल में पूरी तरह उपस्थित रहने की आदत से सबसे ज्यादा सीखते हैं।

"जब भी मैं किसी से मिलता हूं, तो मैं पूरी तरह से उसी पल में रहता हूं। मैं अपना पूरा ध्यान सामने वाले व्यक्ति पर लगाता हूं। इसी कारण मैं चीज़ों को तेजी से समझ पाता हूं। जब मैं आपके साथ हूं, तो कोई कॉल या मैसेज मेरा ध्यान भटका नहीं सकता। यह आदत हर किसी को अपनानी चाहिए। यह आपके दिमाग को तेज बनाएगी और आपकी सीखने की क्षमता को बढ़ाएगी।"

उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ ज्ञान होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे अभ्यास में लाना जरूरी है।

"अगर कोई सिर्फ महान ड्राइवरों की कहानियां पढ़ता रहे, तो वह कभी कार चलाना नहीं सीख सकता। उसे खुद ड्राइविंग सीट पर बैठना होगा और सड़क पर उतरना होगा।"
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