इंटरव्यू में मिले थे 220 अंक
निधि तिवारी ने 2014 में घोषित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2013 के अंतिम परिणाम में 96वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने मुख्य लिखित परीक्षा में 1750 में से 623 अंक हासिल किए थे। तिवारी ने व्यक्तित्व परीक्षण, यानी साक्षात्कार में 275 में से 220 अंक हासिल किए थे। इस प्रकार, उन्होंने कुल 2025 अंकों की भर्ती परीक्षा में 843 अंकों के साथ 96वीं रैंक हासिल की थी।
निधि तिवारी को सामान्य अध्ययन-I की परीक्षा में 250 में से 61, सामान्य अध्ययन-II में 250 में से 63, सामान्य अध्ययन-III में 250 में से 78, सामान्य अध्ययन-IV में 250 में से 99 अंक हासिल किए थे। तिवारी ने वैक्लपिक विषय के पेपर-2 में 250 में से 120 और पेपर-2 में 250 में से 133 अंक हासिल किए थे। निबंध लेखन में उन्हें 250 में से 69 अंक मिले। इसके अलावा दो पेपर क्वालिफाइंग प्रकृति के होते हैं, जिनमें निधि तिवारी ने 26 और 40 अंक हासिल किए थे।
| विषय |
प्राप्तांक (250 में से) |
| सामान्य अध्ययन-I |
61 |
| सामान्य अध्ययन-II |
63 |
| सामान्य अध्ययन-III |
78 |
| सामान्य अध्ययन-IV |
99 |
| वैक्लपिक विषय (पेपर-1) |
120 |
| वैक्लपिक विषय (पेपर-2) |
133 |
| निबंध लेखन |
69 |
| लिखित परीक्षा में कुल अंक |
623 (1750 में से) |
| साक्षात्कार |
220 (275 में से) |
| अंतिम परिणाम |
843 (2025 अंक में से) |
UPSC Exam Pattern in 2014: उस समय क्या यूपीएससी का परीक्षा पैटर्न?
जब निधि तिवारी ने यूपीएससी सीएसई परीक्षा पास की तब मेंस परीक्षा पैटर्न में 9 पेपर शामिल थे। इसमें 2 क्वालीफाइंग पेपर, 4 सामान्य अध्ययन के पेपर और वैकल्पिक विषय के 2 पेपर शामिल थे। प्रत्येक पेपर 250 अंकों का था। इसके अलाव, 250 अंकों का निबंध लेखन होता था। इस प्रकार कुल मिलाकर मुख्य परीक्षा 1750 अंकों की होती थी।
आइए निधि तिवारी के बारे में थोड़ा और जान लेते हैं
2014 बैच की भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी निधि तिवारी 2022 में अवर सचिव के रूप में शामिल होने के बाद 6 जनवरी, 2023 से प्रधान मंत्री कार्यालय (PMO) में उप सचिव के रूप में कार्यरत हैं। तिवारी वाराणसी के महमूरगंज से हैं, जो 2014 से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा क्षेत्र रहा है।
उन्होंने 2013 में सिविल सेवा परीक्षा में 96वीं रैंक हासिल की थी। यूपीएससी पास करने से पहले, उन्होंने परीक्षा की तैयारी करते हुए वाराणसी में सहायक आयुक्त (Commercial Tax) के रूप में काम किया।
पीएमओ में शामिल होने से पहले तिवारी विदेश मंत्रालय (MEA) में कार्यरत थीं, जहां उन्होंने निरस्त्रीकरण और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के प्रभाग में काम किया। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में उनकी विशेषज्ञता ने बाद में उन्हें पीएमओ में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का मौका दिया मिला, विशेष रूप से 'विदेश और सुरक्षा' कार्यक्षेत्र में, जो सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को रिपोर्ट करता था।