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EV Charging Stations: अब रेंज की टेंशन खत्म, दिल्ली में चार्जिंग प्वांइट्स हुए 10 हजार के पार, कैसे हुआ संभव?

Thu, 16 Apr 2026 10:14 AM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Delhi EV charging stations: राजधानी दिल्ली में अब इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाया जा रहा है, इसी के साथ यह इलेक्ट्रिक हब बनती जा रही है। पिछले एक साल में देश की राजधानी में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। ताजा आंकड़ों की बात करें तो शहर में कुल चार्जिंग प्वांइट्स  की संख्या दस हजार से ज्यादा हो चुकी है। 
 
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ईवी चार्जिंग स्टेशन्स (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : freepik
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विस्तार
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Electric vehicle charging Delhi: दिल्ली के पावर मंत्री अशीश सूद के अनुसार, शहर में चार्जिंग प्वांइट्स का आंकड़ा तेजी से पार हो रहा है। अब तक 10 हजार से अधिक प्वांइट्स बन चुके हैं, लेकिन इसमें खास बात यह है कि इनमें से तीन हजार से अधिक चार्जिंग प्वांइट्स सिर्फ पिछले कुछ महीनों में जोड़े गए हैं, जो इस बात को दर्शाता है कि ईवी को लेकर ग्राउंड लेवल पर काम कितनी तेजी से हो रहा है।
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मंत्री के अनुसार इस तेज वृद्धि के पीछे स्पष्ट नीति और उन पर काम सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने बताया कि सरकार की ड्राफ्ट ईवी पॉलिसी में खासतौर पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर फोकस किया गया है, ताकि आने वाले समय में बढ़ती इलेक्ट्रिक गाड़ियों की जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें। साथ ही, पावर डिपार्टमेंट ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को भी मजबूत कर रहा है, जिससे बढ़ते लोड को संभाला जा सके।

इसी के साथ दिल्ली के कई हिस्सों में बिजली सप्लाई देने वाली कंपनियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इसमें BSES ने FY2025-26 में रिकॉर्ड 1,600 से ज्यादा चार्जिंग प्वांइट्स और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन लगाए हैं। अब इनके पास कुल ,500 से अधिक प्वांइट्स  हैं। सबसे खास बात यह है कि इनमें से करीब 49 प्रतिशत प्राइवेट चार्जिंग प्वांइट्स हैं, जो घरों में लगे हैं।
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वहीं, TPDDLने भी उत्तर दिल्ली में टाटा पावर ने 3,783 ईवी कनेक्शन्स दिए हैं। रोहिणी, पीतमपुरा और सिविल लाइंस जैसे इलाके को अब ईवी हब के रूप में देखा जाता है। इसके बाद कंपनी का लक्ष्य अगले एक साल में 3,000 और चार्जिंग स्टेशन लगवाने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है।

क्यों हो रही है इतनी तेजी?
जब ईवी बढ़ी तो बिजली की मांग में और बढ़ने लगी। 2018-19 में ईवी चार्जिंग लोड महज 24 मेगावाट (MW) था, जो अब बढ़कर 227.48 MW हो गया है। इसे देखते हुए आने वाले कुछ वर्षों में इसके 375 MW तक पहुंचने का अनुमान है। यानी, दिल्ली के लोग तेजी से पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों को छोड़कर इलेक्ट्रिक की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। दिल्ली पूरे देश की ईवी पब्लिक चार्जिंग बिजली खपत का करीब 24.1% अकेले इस्तेमाल करती है। यह इस बात का सबूत है कि राजधानी ग्रीन एनर्जी और क्लीन एयर की दिशा में कितनी तेजी से कदम बढ़ा रही है।

देश में नंबर 1 बनी दिल्ली
इसी के साथ दिल्ली ने देश में शीर्ष पर पहुंच चुकी है। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी एथॉरिटी की रिपोर्ट के अनुसार, ईवी चार्जिंग के लिए होने वाली कुल बिजली खपत में दिल्ली की हिस्सेदारी 24.1 प्रतिशत है। जबकि राजधानी में ईवी चार्जिंग के लिए कुल 239.63 मिलियन यूनिट्स बिजली की खपत दर्ज की गई है। इसमें बीएसईएस का योगदान भी माना जा रहा है, क्योंकि दिल्ली की कुल ईवी चार्जिंग खपत में इसका हिस्सा 52% है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 12.5% योगदान देता है।

आपके लिए कैसे है खास?
अगर आप अब भी रेंज एंजायटी यानी की गाड़ी की बैटरी खत्म होने का डर की वजह से इलेक्ट्रिक गाड़ी नहीं ले रहे थे, तो अब सोचने का वक्त खत्म हो गया है। शहर में घर के पास, ऑफिस के नजदीक या कमर्शियल जगहों पर चार्जिंग प्वांइट्स का जाल बिछ चुका है। दिल्ली सरकार और बिजली कंपनियां अब इसे और भी आसान बनाने पर काम कर रही हैं।
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