गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही आईआईटी काउंसिल की एक बैठक में केंद्र सरकार की सहमति से एमटेक की फीस दस गुना तक बढ़ाकर करीब 2 लाख रुपये कर दी गई है। आईआईटी दिल्ली के निदेशक रामगोपाल राव ने सरकार के इस कदम को उन छात्रों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' बताया था, जिनकी पढ़ने में ज्यादा रुचि नहीं होती। जो बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं।
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वहीं, अब तक 68 हजार से ज्यादा छात्रों ने फीस बढ़ाने का फैसला वापस लेने संबंधी याचिका पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। कई छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फीस पर फैसला वापस लेने की अपील की है।