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इंजीनियरिंग छात्रों का विरोध प्रदर्शन, कहा - सरकार शिक्षकों पर भी करे 'सर्जिकल स्ट्राइक'

Sat, 05 Oct 2019 12:40 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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जंतर-मंतर पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन - फोटो : Twitter
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राजधानी दिल्ली में इंजीनियरिंग के सैकड़ों छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऑल इंडिया इंजीनियरिंग स्टूडेंट काउंसिल (AIESC) के बैनर तले ये सभी छात्र शुक्रवार को जंतर-मंतर पर जुटे। ये सभी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (M.Tech) की बढ़ी हुई फीस का विरोध कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि केंद्र सरकार एमटेक की फीस बढ़ाने का अपना फैसला वापस ले। इसके लिए ऑल इंडिया इंजीनियरिंग स्टूडेंट काउंसिल ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र भी लिखा है।

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सिर्फ जंतर-मंतर ही नहीं, बल्कि इंजीनयरिंग छात्रों का ये विरोध प्रदर्शन सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैल रहा है। इस संबंध में ट्विटर पर एक यूजर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD Ministry) को टैग लिखा है - 'रिपोर्ट के अनुसार, आईआईटी के करीब 50 फीसदी प्रोफेसर्स अंडरपरफॉर्मिंग हैं। फिर तो इन प्रोफेसर्स के ऊपर भी 'सर्जिकल स्ट्राइक' की जानी चाहिए। एमटेक की बढ़ी हुई फीस का आधा हिस्सा इन प्रोफेसर्स की सैलरी से काटा जाना चाहिए।'

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वहीं जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे एक शिक्षक छात्रों का समर्थन करते नजर आए। उन्होंने कहा - 'हम सिर्फ एमटेक कोर्सज की फीस बढ़ने के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। लेकिन ये अंत नहीं है। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो हम फिर से दशहरा और रामलीला मैदान में हजारों की संख्या में जुटेंगे। उस विरोध प्रदर्शन की तारीख जल्द बताई जाएगी।'
 

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गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही आईआईटी काउंसिल की एक बैठक में केंद्र सरकार की सहमति से एमटेक की फीस दस गुना तक बढ़ाकर करीब 2 लाख रुपये कर दी गई है। आईआईटी दिल्ली के निदेशक रामगोपाल राव ने सरकार के इस कदम को उन छात्रों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' बताया था, जिनकी पढ़ने में ज्यादा रुचि नहीं होती। जो बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं।

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वहीं, अब तक 68 हजार से ज्यादा छात्रों ने फीस बढ़ाने का फैसला वापस लेने संबंधी याचिका पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। कई छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फीस पर फैसला वापस लेने की अपील की है।
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