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लंबी छुट्टी के बाद इंजीनियर महिलाएं दोबारा भर सकेंगी कैरियर की उड़ान

Sun, 15 Mar 2020 06:10 AM IST
संजीव कुमार झा सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • आईआईटी मद्रास करवाएगा एआई, डाटा साइंस, बिग डाटा, साइबर सिक्योरिटी व डिजिटल फारेंसिक में कोर्स
  • शादी, बच्चे या फिर अन्य कारण से नौकरी छोड़ने वाली महिलाओं को डिजिटल स्किल अकेडमी बनाएगी नई तकनीक में दक्ष
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आईआईटी मद्रास - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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शादी, बच्चे या फिर अन्य किसी कारण से नौकरी छोड़ने वाली महिलाओं को दोबारा कैरियर शुरू करने में आईआईटी मद्रास मदद करेगा। ऐसी इंजीनियर महिलाओं को एआई/एमएल, डाटा साइंस, बिग डाटा, साइबर सिक्योरिटी व डिजिटल फोरेंसिक में सर्टिफिकेट कोर्स करवाया जाएगा। आईआईटी मद्रास की डिजिटल स्किल अकेडमी इन कोर्स के माध्यम से इन महिला इंजीनियरों को नई तकनीक में दक्ष बनाएगी। खास बात यह है कि इस कोर्स के बाद इन्हें प्लेसमेंट दिलवाने में भी मदद की जाएगी।

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संस्थान के निदेशक प्रो. भास्कर राममूर्ति के मुताबिक, तकनीकी क्षेत्र की महिलाओं के लिए सीबी2 वूमन नाम से प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। डिजिटल स्किल अकेडमी के साथ फारेंसिक इंटेलीजेंस सर्विलेंस और सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी (एफआईएसएसटी) सहयोग कर रहा है। शैक्षणिक सत्र 2020-21 से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग, डाटा साइंसेज, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल फोरेंसिक के कोर्स शामिल किए गए हैं। इन कोर्स के माध्यम से 150 घंटे की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे दोबारा अपना कैरियर शुरू कर सकें।

छात्रों व कामकाजी लोगों को भी जोड़ने की योजना

डिजिटल स्किल अकेडमी के चेयरमैन लक्ष्मी नारायण के मुताबिक, इन कोर्स की शुरुआत महिलाओं से की जा रही है। भविष्य में छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए ऐसे कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसका मकसद पुरानी तकनीक की पढ़ाई करने वाले इंजीनियरों को नई तकनीक में दक्ष करना होगा जिससे वह बाजार की मांग के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेंगे।

22 फीसदी महिलाएं एआई में कर रही हैं काम

नैसकॉम के आईटी-आईटीईएस सेक्टर स्किल काउंसिल के सीईओ अमित अग्रवाल के मुताबिक, दुनियाभर में एआई में काम करने वालों में भारत दूसरे स्थान पर है। इसमें महिलाओं का आंकड़ा महज 22 फीसदी है। चूंकि महिलाएं किसी भी काम को बेहतर ढंग से कर सकती हैं। इसलिए महिलाओं को इससे जोड़ना बेहतर प्रयास होगा।

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