बोर्ड इस बात पर भी विचार कर रहा है कि ऐसे बड़े स्कूल सेंटर के लिए चुने जाएं जो कि अधिक से अधिक बच्चों को संसाधन उपलब्ध करा सकें। स्कूलों को पूर्ण संसाधन उपलब्ध कराने के बाद ही इसे लागू करने के विषय में सोचा जाएगा। पूर्णतया सुरक्षित सिस्टम बनाने के लिए सीबीएसई के डोमेन से ही प्रिंसिपल का आईडी बनाया जाएगा। जिससे कि उसी आईडी के माध्यम से स्कूल प्रिंसिपल पेपर को प्रिंट कराकर परीक्षा करा सकें।
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सेंटर सुपरिडेंटेंट व ऑब्जर्वर को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। अगले साल से लागू किया जाए इसके लिए इस साल के अंत तक इसका समाधान निकाल लेंगे। बोर्ड यह भी विचार कर रहा है कि केवल छोटे विषयों के लिए ही एन्क्रिप्टेड पेपर दिए जाएं।
बोर्ड ने एक बार प्रश्न पत्रों के लिए स्कूलों में टैबलेट पर प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने की भी सोची थी लेकिन टैबलेट की कीमत अधिक होने के कारण इसे लाखों बच्चों को उपलब्ध कराना मुश्किल काम है। एन्क्रिप्टेड पेपर व्यवस्था के तहत स्कूलों को ईमेल आईडी पर प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए जाते हैं, फिर स्कूल उनका प्रिंट आउट लेकर बच्चों को उपलब्ध कराते हैं।