Dr Sukhbir Singh Sandhu, Election Commissioner Of India
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डॉ. सुखबीर सिंह संधू कौन हैं?
- डॉ. सुखबीर सिंह संधू 1988 बैच के उत्तराखंड कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं।
- उन्होंने 15 मार्च 2024 को भारत निर्वाचन आयोग में निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था।
- इससे पहले वह उत्तराखंड के मुख्य सचिव रह चुके हैं।
- उन्होंने जुलाई 2021 से जनवरी 2024 तक उत्तराखंड के मुख्य सचिव की जिम्मेदारी संभाली।
अपने लंबे प्रशासनिक करियर में डॉ. संधू ने उत्तराखंड, पंजाब और उत्तर प्रदेश सरकारों में अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। वह चार मुख्यमंत्रियों के प्रधान सचिव भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने लोकपाल के सचिव के रूप में भी काम किया। केंद्र सरकार में वह उच्च शिक्षा विभाग में अतिरिक्त सचिव रहे, जहां उन्होंने आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों से जुड़े मामलों को देखा।
एनएचएआई के अध्यक्ष भी रहे हैं संधू
डॉ. संधू करीब दो साल तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI के अध्यक्ष भी रहे। भारत निर्वाचन आयोग की प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने 2019 से 2021 के दौरान यह जिम्मेदारी संभाली। उनके प्रशासनिक करियर में जिला स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहीं। वह हरिद्वार, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) और ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी एवं कलेक्टर भी रहे।
चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू की पढ़ाई और डिग्रियां
डॉ. संधू ने एमबीबीएस की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने इतिहास में मास्टर डिग्री हासिल की। यानी उनका शैक्षणिक सफर चिकित्सा शिक्षा से शुरू होकर इतिहास के अध्ययन तक पहुंचा।
पढ़ाई के अलावा उनकी रुचि खेल और पर्वतारोहण में भी रही है। वह हॉकी खेल चुके हैं। उन्हें ट्रेकिंग और पर्वतारोहण में भी रुचि है। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, उन्होंने उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित 22,000 फीट ऊंची ब्लैक पीक पर चढ़ाई की है।
Dr Vivek Joshi, Election Commissioner Of India
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चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी कौन हैं?
- डॉ. विवेक जोशी 1989 बैच के हरियाणा कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं।
- उन्होंने 19 फरवरी 2025 को भारत निर्वाचन आयोग में निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला।
- उनके पास भारतीय प्रशासनिक सेवा में 35 साल से अधिक का अनुभव है।
- डॉ. जोशी हरियाणा के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं।
उनके प्रशासनिक करियर में वित्तीय प्रशासन, जनगणना, कार्मिक प्रशासन और हरियाणा सरकार से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने का अनुभव रहा है। वह केंद्र सरकार के अलग-अलग विभागों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
डॉ. जोशी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बोर्ड में सदस्य भी रह चुके हैं। उनके प्रशासनिक अनुभव में वित्तीय सेवाओं और जनगणना से जुड़े काम भी शामिल रहे हैं।
डॉ. विवेक जोशी की पढ़ाई और डिग्रियां
डॉ. विवेक जोशी ने यूनिवर्सिटी ऑफ रुड़की (अब आईआईटी रुड़की) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीई (B.E.) की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड (IIFT) से इंटरनेशनल बिजनेस में एग्जीक्यूटिव मास्टर्स किया।
उन्होंने स्विट्जरलैंड के ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट, जेनेवा से इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स में मास्टर्स और पीएचडी भी की है। इस तरह उनकी उच्च शिक्षा में इंजीनियरिंग के साथ अंतरराष्ट्रीय कारोबार और अर्थशास्त्र की पढ़ाई भी शामिल रही है।
क्यों चर्चा में हैं चुनाव आयुक्तों के नाम?
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की खबरों के बीच चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के नाम चर्चा में हैं। यह मामला इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद सामने आया, जिसमें दावा किया गया कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों के दौरान SIR से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई।
रिपोर्ट के अनुसार, ये मामले नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने या जोड़ने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अन्य फैसलों से संबंधित बताए गए। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि दोनों चुनाव आयुक्तों की टिप्पणियों और सुझावों पर विचार किया गया था और इन्हें औपचारिक असहमति के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।