तकनीक और समावेशी शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम
मंत्रालय का कहना है कि यह पहल न केवल शिक्षा बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव लाएगी। खासकर छात्राओं के लिए सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और इन्सिनरेटर एक महत्वपूर्ण कदम है। जुअल ओराम ने कहा कि कोल इंडिया की इस पहल से अन्य कंपनियों को भी आदिवासी शिक्षा में योगदान देने की प्रेरणा मिलेगी।
वहीं, जी किशन रेड्डी ने इसे कोल इंडिया के CSR प्रयासों का विस्तार बताते हुए कहा कि यह सहयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आजीविका को बढ़ावा देगा।
देशभर में 479 EMRS संचालित
फिलहाल देश में 479 एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल संचालित हो रहे हैं, जहां आदिवासी बच्चों को शिक्षा के साथ पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और समग्र विकास के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नए समझौते से इन स्कूलों की गुणवत्ता और बेहतर होगी।