क्या कहा शिक्षा मंत्रालय ने?
शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, “कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में गलत तरीके से बताया गया कि शिक्षा मंत्रालय के कार्यालय में आग लगी है। स्पष्ट किया जाता है कि शिक्षा मंत्रालय का कार्यालय कर्तव्य भवन-2, डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड, नई दिल्ली में स्थित है। जबकि आग की घटना स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) के परिसर में हुई है, जो 4-ब्लॉक बी, इंद्रप्रस्थ एस्टेट, विकास मार्ग (आईटीओ), नई दिल्ली-110002 में स्थित है।”
मंत्रालय ने यह भी बताया कि एसपीए भवन में लगी आग मामूली थी और उसे तेजी से नियंत्रित कर लिया गया। घटना में किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
कैसे लगी आग?
दरअसल सोमवार सुबह केंद्रीय दिल्ली स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) भवन में आग लगने की सूचना मिली थी। शुरुआती रिपोर्ट्स में इसे शिक्षा मंत्रालय के कार्यालय से जोड़कर देखा गया, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार सुबह 9:37 बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही आठ दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। आग एसपीए भवन की दूसरी मंजिल पर स्थित प्रशासनिक ब्लॉक के फैकल्टी रूम में लगी थी।
पुलिस के मुताबिक, आईपी एस्टेट थाने को सुबह करीब 8:45 बजे इस घटना की जानकारी मिली थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। एसपीए में मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) कर्मचारी सौरभ शर्मा ने प्रशासनिक ब्लॉक से धुआं और आग की लपटें निकलती देख पीसीआर कॉल की थी।
मौके पर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
आग की घटना के बाद मौके पर दमकल विभाग, पुलिस और एंबुलेंस की टीमें तैनात की गईं। कुल आठ फायर टेंडर, तीन एंबुलेंस, दो PCR वैन, ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिसकर्मी राहत एवं बचाव कार्य में जुटे रहे।
दमकल कर्मियों ने लगातार प्रयास कर आग पर काबू पा लिया और बाद में उसे पूरी तरह बुझा दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और भवन में कहीं भी सक्रिय आग नहीं बची है।
किसी के हताहत होने की सूचना नहीं
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति के घायल होने या जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।
शिक्षा मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।