कोरोना वायरस महामारी से बचाव के लिए पूरा देश लॉकडाउन हो जाने के कारण दिल्ली सरकार ने ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की थीं। इन कक्षाओं की सुविधा सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए थी। बता दें, ऑनलाइन कक्षाओं का समापन बीते रविवार को हो गया है। मनीष सिसोदिया ने उस दौरान कई अहम जानकारियां शेयर की। सरकार द्वारा किए गए उपयोग को सार्थक बताते हुए उन्होंने कहा कि केजी से लेकर कक्षा 12वीं के दिल्ली सरकार के स्कूलों के करीब नौ लाख छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं और आईवीआर से फायदा मिला।
मंत्री ने अपनी टीम के साथ दिल्ली सरकार के स्कूली छात्रों के लिए ऑनलाइन और आईवीआर शिक्षण की समीक्षा की। ध्यान दें कि उनकी टीम में शिक्षा निदेशक विनय भूषण समेत शिक्षा सलाहकार शैलेन्द्र शर्मा, अतिरिक्त निदेशक (स्कूल) डॉ. सरोज सेन, अन्य अधिकारियों के साथ ऑनलाइन छात्र व अभिभावक भी शामिल थे। सिसोदिया ने कहा कि हमारे देश में पहली बार लॉकडाउन के दौरान एक नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि असाधारण समय में डिजिटल तकनीकों की मदद से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन करना चुनौतीपूर्ण था। हमने पहले कभी इस तरह की तकनीकों का इस्तेमाल नहीं किया था।
शिक्षा निदेशक विनय भूषण ने कहा कि विभाग छात्रों को हफ्ते में की गई समीक्षा के आधार पर स्कूल में वापस आने तक ट्रैक करने की योजना बना रहा है। दूसरी ओर शिक्षा सलाहकार शैलेंद्र शर्मा ने पांच कार्यक्रमों के बारे में बताया। कक्षा 11वीं के छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं, कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए हर दिन अंग्रेजी और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट की कक्षाएं, कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए ऑनलाइन गणित की कक्षाएं, 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए डिजिटल इंटरप्रेन्योर वर्ग और माता-पिता के माध्यम से केजी से कक्षा 8 तक के छात्रों के अभिभावकों के गरिए एसएमएस और आईवीआर आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया।