ये हैं वो 9 कैटेगरी जिनमें मांगे गए हैं आवेदन
1. बेस्ट K–12 लर्निंग मैनेजमेंट सॉल्यूशन
डिजिटल इंडिया के बढ़ते कदमों के साथ स्कूल अब केवल किताबों तक सीमित नहीं रहे। लर्निंग मैनेजमेंट सॉल्यूशन्स (LMS) आज हर छात्र के सीखने की यात्रा को संरचित, ट्रैक योग्य और इंटरैक्टिव बना रहे हैं।
- ये प्लेटफॉर्म बच्चों को लाइव क्लासेस, रिकॉर्डेड लेक्चर, असाइनमेंट ट्रैकिंग, पर्सनलाइज्ड लर्निंग पाथ और प्रगति विश्लेषण जैसी सुविधाएं देते हैं।
- महामारी के बाद LMS उन स्कूलों की रीढ़ बन रहे हैं जो शिक्षा को किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होने देना चाहते।
तो अमर उजाला द्वारा दिये जा रहे बेस्ट K–12 लर्निंग मैनेजमेंट सॉल्यूशन पुरस्कार के लिए ऐसे संस्थान आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने डिजिटल लर्निंग को सरल, सुगम और सर्वसुलभ बनाया है।
2. बेस्ट अर्ली चाइल्डहुड लर्निंग टेक्नोलॉजी
प्रारंभिक शिक्षा (3–8 वर्ष) बच्चे की IQ, EQ और सोचने की क्षमता के विकास का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। आज देश में ऐसे कई इनोवेटिव एडटेक सॉल्यूशन्स कार्यरत हैं जो:
- फॉनिक्स बेस्ड लर्निंग
- गतिविधि-आधारित शिक्षा
- भाषा एवं संज्ञानात्मक विकास
- कहानी आधारित इंटरएक्शन
जैसी आधुनिक पद्धतियों को डिजिटल रूप में बच्चों तक पहुंचा रहे हैं। यह श्रेणी उन कंपनियों के लिए है जो प्ले-बेस्ड + टेक इनेबल्ड लर्निंग प्रस्तुत कर रही हैं।
3. बेस्ट क्लासरूम मैनेजमेंट टूल्स
भारत के लाखों स्कूल अभी भी क्लासरूम मैनेजमेंट की चुनौती से जूझ रहे हैं। चाहे वह उपस्थिति हो, असाइनमेंट हो, व्यवहारिक मॉनिटरिंग हो या अभिभावक संवाद। नए डिजिटल टूल्स ने इन समस्याओं को अत्यंत बुद्धिमत्ता से हल किया है:
- AI आधारित उपस्थित सिस्टम
- होमवर्क ऑटोमेशन
- क्लासरूम इनसाइट्स
- स्टूडेंट इंगेजमेंट मॉनिटरिंग
जो संस्थान डिजिटल टूल्स के माध्यम से शिक्षकों को अधिक सक्षम और बच्चों को अधिक अनुशासित बना रहे हैं वे इस श्रेणी के तहत आवेदन के दावेदार हैं।
4. बेस्ट STEM- (साइंस-टेक्नोलॉजी-इंजीनियरिंग-मैथमैटिक्स)
STEM—Science, Technology, Engineering, Mathematics—आज भारत की वैश्विक प्रगति का ईंधन है। आज देश में:
- रोबोटिक्स लैब
- एआई/एमएल किट्स
- एसटीईएम एक्सपेरीमेंट बोक्सेस
- हाथों से सीखने की पद्धति
- Coding-on-device tools तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
यह पुरस्कार उन नवाचारकर्ताओं को मिलेगा जो बच्चों को केवल पढ़ा नहीं रहे, बल्कि उन्हें भविष्य गढ़ने योग्य कौशल सिखा रहे हैं।
5. बेस्ट AI–आधारित ट्यूटोरिअल सॉल्यूशन
- AI ट्यूटर अब केवल चैटबॉट नहीं, बल्कि छात्रों के व्यक्तिगत शिक्षक बन चुके हैं।
- बच्चा जहां रुकता है, AI वहीं से पकड़कर आगे बढ़ाता है।
- कठिन विषयों को साधारण शब्दों, चित्रों, वीडियो और क्विज के माध्यम से समझाता है।
- माता-पिता को बच्चे की प्रगति की वास्तविक समय रिपोर्ट देता है।
यह पुरस्कार उस प्लेटफॉर्म को मिलेगा जो भारत के हर घर तक पर्सनल टीचर पहुंचाने का सपना साकार कर रहा है।
6. बेस्ट स्कूल ईआरपी
एक स्कूल की पूरी प्रणाली
- प्रशासन
- फीस
- प्रवेश
- परीक्षा
- ट्रांसपोर्ट
- टाइमटेबल
स्टाफ प्रबंधन को डिजिटल बनाना आसान नहीं है।
फिर भी कुछ कंपनियों ने इसे बेहद प्रभावी ढंग से करके दिखाया है। यह श्रेणी ऐसी कंपनियों के आवेदन स्वीकार कर रही है। जिन्होंने स्कूल मैनेजमेंट को पूरी तरह पेपरलेस बना दिया है।
7. बेस्ट पैरेंट टीचर कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म
अभिभावक-शिक्षक संवाद शिक्षा की गुणवत्ता का सबसे मजबूत आधार है।
- अटेंडेंस अलर्ट
- परफॉर्मेंस अपडेट
- होमवर्क नोटिफिकेशन्स
- काउंसिलिंग को-आर्डिनेशन
ऐसे टूल्स की वजह से अभिभावक अब स्कूल से जुड़ गए हैं और बच्चों की प्रगति बेहतर हुई है। इस श्रेणी में वे प्लेटफॉर्म शामिल हैं जिन्होंने स्कूल और परिवार के बीच का फासला सबसे अधिक कम किया है।
8. बेस्ट स्कूल डिजिटल कंटेंट प्रोवाइडर
किताबें अपना स्थान रखती हैं, लेकिन डिजिटल कंटेंट ने बच्चों को सीखने की दुनिया से जोड़ा। चाहे वो हों
- एनिमेटेड वीडियो
- इंटरएक्टिव सिम्युलेशन
- AR बेस्ड लेसन
- 3D मॉडल
इन सभी ने सबने कठिन विषयों को आसान बनाया है। इस पुरस्कार का उद्देश्य उन कंपनियों को राष्ट्रीय पहचान देना है जो “ज्ञान को रोचक” बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।
9. बेस्ट स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर
स्कूलों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना समय की मांग है।
- स्मार्ट बोर्ड
- डिजिटल लैब
- हाइब्रिड क्लासरूम सेटअप
सुरक्षा और मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे समाधान लाखों स्कूलों को टेक–इनेबल्ड बना रहे हैं। यह श्रेणी उन अग्रणी तकनीकी कंपनियों को सम्मानित करने के लिए है जो भारत के स्कूलों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रही हैं।
क्यों हो रहा है यह सम्मान?
भारत विश्व की सबसे युवा आबादी वाला देश है। K–12 शिक्षा ही देश की बौद्धिक क्षमता, आर्थिक प्रगति और नवाचार की नींव तैयार करती है। इसलिए अमर उजाला एजुकेशन फॉर भारत अवार्ड के जरिये इस पूरे सेक्टर में परिवर्तन लाने वाले इनोवेशन को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कैसे करें आवेदन?
- अंतिम तिथि: 2 दिसंबर 2025
- स्थान: इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली
- अधिक जानकारी: 8734879402
जूरी सभी नामांकनों का मूल्यांकन करेगी और प्रत्येक श्रेणी में सबसे योग्य, प्रभावी और परिवर्तनकारी कार्य करने वालों को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया जाएगा।
इस आयोजन के जरिये Amar Ujala का मिशन स्पष्ट है। कि देश के उन शिक्षकों, संस्थानों और नवाचारकर्ताओं को राष्ट्रीय पहचान देना जो अब तक स्पॉटलाइट से दूर रहे, लेकिन जिन्होंने शिक्षा के लिए जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव किए हैं।