आदेश में कहा गया है कि आरक्षण संबंधी प्रावधानों को आईआईटी, एनआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालय समेत सभी शैक्षणिक संस्थानों में लागू किया जाना चाहिए। इसके अलावा अनुपालन रिपोर्ट जल्द से जल्द मंत्रालय को भेजने को कहा गया है।
उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षित वर्ग की सीटों पर ओपन या सामान्य वर्ग के छात्रों को दाखिला दिया जा रहा है। यह जानकारी मिलने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया है। संबंधित संस्थानों से जवाब-तलब भी किया गया है।
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अधिकारी के मुताबिक, कुछ केंद्रीय संस्थान आर्थिक रूप से पिछड़े और ओबीसी श्रेणी की खाली सीटों का आरक्षण समाप्त करके इन सीटों को सामान्य श्रेणी में शामिल कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने इसे गंभीरता से लिया है। आदेश में कहा गया है कि आरक्षण संबंधी प्रावधानों को आईआईटी, एनआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालय समेत सभी शैक्षणिक संस्थानों में लागू किया जाना चाहिए। इसके अलावा अनुपालन रिपोर्ट जल्द से जल्द मंत्रालय को भेजने को कहा गया है।
वंचित छात्रों की अतिरिक्त मदद करें
शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्रीय संस्थान आरक्षित सीटों को आरक्षित वर्ग के छात्रों से भरने के लिए हर संभव प्रयास करें। प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए वंचित वर्गों को कोचिंग प्रदान करने, कम अंक पर (यदि आवश्यक हो) छात्रों को प्रवेश देने के बाद पूरक शिक्षा प्राप्ति / अध्ययन के लिए एक अतिरिक्त वर्ष प्रदान किया जाए।