उत्तर प्रदेश में तकरीबन 1.65 लाख छात्रों ने नीट परीक्षा क्वालीफाई की है। जिसके बाद राज्य कोटे की काउंसिलिंग प्रक्रिया 24 अगस्त से जारी है। इस काउंसिलिंग प्रक्रिया में 30 अगस्त को पहले राउंड का सीट आवंटन हुआ। जिसमें उत्तर प्रदेश के 68 मेडिकल कॉलेजों में 10,500 सीटें छात्रों को आवंटित की गईं। यूपीनीट प्रशासन ने सरकारी कॉलेजों में
एमबीबीएस सीट तलाश रहे 3839 छात्रों को पहले राउंड में सीट आवंटित की है। वहीं प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की 700 सीटों को आवंटित किया गया है। इससे पहले आल इंडिया काउंसिलिंग में यूपी के निजी कॉलेजों की 5950 सीटों पर आवंटन हो चुका है। बीती 20 सितम्बर को जारी हुई सेकेंड राउंड की मेरिट लिस्ट का फाइनल रिजस्ट भी 28 सितम्बर को जारी हो चुका है।
मेडिकल काउंसिलिंग में भाग ले रहे छात्रों में तकरीबन 10,800 छात्रों को एमबीबीएस की सीट उत्तर प्रदेश में मिलेगी।
कट ऑफ मार्क्स
ऐसे छात्र जिनको नीट में 600 से कम नंबर मिले हैं वह यूपी में सरकारी कॉलेज में सीट नहीं पा सकेंगे। इसके अलावा जिन छात्रों के पास 30 लाख का बजट है और उनका नीट स्कोर 500 से कम है उन्हें भी यूपी में एमबीबीएस सीट नहीं मिलेगी। ऐसे छात्रों को तत्काल
एमबीबीएस के लिए कजाकिस्तान को चुनने की जरूरत है। जहां की कोक्शेताऊ स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी NExT बैच की 100% स्कॉलरशिप दे रही है। अगर आपको एडमिशन के बारे में अपने सवालों के जवाब चाहिए तो आप सफलता मोक्ष के एडमिशन काउंसलर से अभी टोल फ्री नंबर
1800-571-0202 पर कॉल करके बात कर सकते हैं।
कजाकिस्तान में टॉप रैंक सरकारी मेडिकल यूनिवर्सिटीज में मिलेगा फ्री NExT इंटीग्रेटेड बैच
कजाकिस्तान के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में भारत से गए 9000 से ज्यादा छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। कजाकिस्तान या विदेश के किसी भी कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र के लिए भारत में डॉक्टरी प्रैक्टिस और पीजी एंट्रेंस के लिए एग्जिट परीक्षा पास करनी जरूरी होती है। पहले एमएमजीई नाम से होने वाले टेस्ट में छात्रों का पासिंग प्रतिशत बहुत कम रहता था। जिसके कारण छात्रों को भारत में डॉक्टर बनना नसीब नहीं हो पाता था। लेकिन कजाकिस्तान की टॉप सरकारी यूनिवर्सिटीज में एक यूनिवर्सिटी है कोक्शेताउ स्टेट, जो छात्रों को पहले एफएमजीई (अब NExT) एग्जाम की नि: शुल्क तैयारी कराती है। आप यहां केवल 1.5 लाख प्रति सेमेस्टर फीस अदा करके एमबीबीएस कर सकते हैं।
बीते 10 सालों का एफएमजीई पासिंग प्रतिशत
| वर्ष |
पास प्रतिशत |
| 2013 |
16.5% |
| 2014 |
20.0% |
| 2015 |
12.2% |
| 2016 |
8.08% |
| 2017 |
13.89% |
| 2018 |
10.2% |
| 2019 |
20.7% |
| 2020 |
9.94% |
| 2021 |
23.91% |
| 2022 |
10.61% |
| 2023 |
20.57% |
| |
|
| |
|