दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में छात्र जल्द ही पढ़ाई के साथ- साथ कमाई भी कर सकेंगे। डीयू संस्थागत विकास योजना के तहत अर्न व्हाइल लर्न को शुरू करने जा रहा है।
बीते दिनों डीयू की कार्यकारी परिषद से संस्थागत विकास योजना को हरी झंडी मिल चुकी है। अर्न व्हाइल लर्न का उद्देश्य छात्रों में पेशेवर अनुभव, प्रबंधन और वर्क कल्चर की समझ विकसित करते हुए उन्हें वित्तीय स्वतंत्रता में सहायता प्रदान करना है। इस योजना में विद्यार्थियों को इंटर्नशिप और रिसर्च असिस्टेंटशिप से माध्यम से कमाई करने का अवसर मिलेगा।
इस योजना के लिए डीयू के विभिन्न विभाग उद्योगों के माध्यम से कॉर्पस फंड तैयार करेंगे। साथ ही विभिन्न विभागों, उद्योगों व एजेंसियों के साथ करार किए जाएंगे। ताकी विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के ज्यादा से ज्यादा अवसर मिल सके। वर्तमान में विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अंशकालिक काम करने के सीमित अवसर प्रदान करता है। कुछ विभागों में शोध सहायक या इंटर्नशिप के लिए अनौपचारिक व्यवस्था है।
विवि का मानना है कि सीखने के साथ- साथ कमाने की सुविधा को बढ़ाने से छात्रों को पुस्तकालयों, प्रशासनिक सहायता या इवेंट मैनेजमेंट जैसे विभागों काम करने की मिलेगी अनुमति छात्रों की वित्तीय स्वतंत्रता और पेशेवर अनुभव में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है । अर्न व्हाइल लर्न योजना के तहत प्रत्येक विभाग सशुल्क इंटर्नशिप कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए एजेंसियों के साथ समझौते करेंगे। इसके साथ ही विश्वविद्यालय वंचित छात्रों के लिए शुरू की गई पीएम इंटर्नशिप योजना को भी प्रोत्साहित करेगा ।
बॉयोडाटा निर्माण, साक्षात्कार कौशल के लिए कार्यशालाएं होंगी आयोजित छात्रों को उनके शैक्षणिक लक्ष्यों के अनुरूप नौकरी पाने में मदद करने के लिए बॉयोडाटा का निर्माण, साक्षात्कार कौशल, नौकरी खोज रणनीति पर कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। डीयू का प्रत्येक विभाग एजेंसियों, उद्योगों और दूतावासों के साथ सहयोग करके एक कोष स्थापित करेगा जिससे छात्रों को वजीफा अर्जित करने के लिए इंटर्न के रूप में सहायता मिल सके। इस योजना के तहत लगातार फीडबैक भी लिया जाएगा। जिससे कि कार्यक्रमों को बेहतर बनाया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्र बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं।
छात्रों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए अंशकालिक नौकरी के अवसरों की एक श्रृंखला बनाने के लिए स्थानीय व्यवसायों, संगठनों के साथ सहयोग करने की भी तैयारी है। ये नौकरियां इस तरह से होंगी कि उनके अध्ययन और काम के बीच संतुलन बना रहे और छात्र अपने खाली समय का उपयोग कर कुछ कमाई कर सकें।