दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने मंगलवार को दिल्ली सरकार के खिलाफ घर पर ही एक दिवसीय भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यह भूख हड़ताल दिल्ली सरकार के वित्त पोषित डीयू के 12 कॉलेजों में शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन संकट के खिलाफ एकजुटता दर्शाने के लिए शुरू की गई है। भूख हड़ताल में डूटा अध्यक्ष राजीव रे के साथ ही वो सारे शिक्षक भी शामिल हुए हैं, जिनको वेतन नहीं मिल रहा। ये शिक्षक सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर हड़ताल वाली तख्ती के साथ दिल्ली सरकार से सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन देने की मांग कर रहे हैं।
शिक्षक फेसबुक के साथ ही ट्विटर पर भी अपनी बात रख रहे हैं। डूटा अध्यक्ष राजीब रे का कहना है कि तीन कॉलजों के शिक्षकों को मार्च का भी वेतन नहीं मिला है। यह चिंताजनक स्थिति है। हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते। इसलिए, वेतन नहीं दिए जाने का विरोध कर रहे हैं।
शिक्षक सोशल मीडिया साइट पर भूख हड़ताल की फोटो शेयर कर रहे हैं। डूटा उपाध्यक्ष आलोक रंजन पांडेय ने शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन न मिलने को सरकार के स्तर पर शिक्षकों के साथ अंसवेदनशीलता बताया है। उन्होंने शिक्षकों को शीघ्र वेतन दिए जाने की मांग की है। डूटा की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में दिल्ली सरकार की तरफ से शिक्षकों के वेतन रोकने को क्रूर कदम बताया गया है। डूटा के साथ ही सभी शिक्षक दिल्ली सरकार से फौरन इन कॉलेजों के लिए अनुदान जारी करने की मांग कर रहे हैं।