हलफनामे के आधार पर आनुपातिक जुर्माना
अदालत में छात्रों ने खुद कहा कि वे 1 लाख रुपये नहीं दे सकते, लेकिन वे एक हलफनामा देंगे कि अगर वे ज़मानत के उल्लंघन में शामिल होते हैं तो उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है। अब अगर हलफनामा है तो किसी न किसी तरह की ज़मानत तो होनी ही चाहिए वरना जुर्माना कैसे वसूला जा सकता है। इसलिए हमने जमानत मांगी है। इसमें कोई भी ग्रांटर बन सकता है।
उन्होंने कहा कि यह जुर्माना आनुपातिक होगा न कि पूरे 1 लाख रुपये का। उल्लंघन के आधार पर यह 10,000 रुपये 20,000 रुपये या उससे भी कम हो सकता है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि इस साल के चुनाव हरित और स्वच्छ होंगे और लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार सख्ती से आयोजित किए जाएंगे। सिफारिशों को छात्रों और संगठनों के लिए पहले ही जारी किया जा चुका है।
निगरानी टीम करेगी कॉलेजों का निरीक्षण
उन्होंने कहा कि कुछ छात्र चुनाव प्रचार के नारे लिखने के लिए सूखे पत्तों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं, जो एक पर्यावरण हितैषी कदम है।
प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया गया कि छात्रों को प्रचार के लिए अथवा डेमोक्रेसी वाल पर चिपकाने के लिए केवल हस्तनिर्मित पोस्टरों की ही अनुमति है। किसी भी प्रकार के विरूपण की सूचना डूसू के ऑनलाइन पोर्टल और कॉलेज के मामले में कॉलेज पोर्टल पर दी जा सकती है।
डूसू चुनाव समिति ने संभावित उम्मीदवारों और छात्र समूहों के साथ बैठक की है और 2025-26 के डूसू चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने पर चर्चा की है। उन्होंने बताया कि विरूपण की समस्या को रोकने के लिए पर्यवेक्षकों की एक टीम सोमवार से कॉलेजों और आसपास के क्षेत्रों का दौरा करेगी।