दिल्ली उच्च न्यायालय ने मामले का संज्ञान लिया और सभी विकृतियों के मुद्दों का समाधान होने तक परिणामों पर रोक लगा दी।
पुलिस सुरक्षा में रखी गईं ईवीएम दिल्ली विश्वविद्यालय ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) को परीक्षा विभाग के एक स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा था, जिसकी निगरानी पुलिस की एक टीम द्वारा चौबीसों घंटे की जाती थी। मतपेटियों को अलग-अलग कॉलेजों में सुरक्षित रखा गया था।
डीयूएसयू के केंद्रीय पैनल के लिए मतदान, जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद शामिल हैं, ईवीएम का उपयोग करके आयोजित किया गया था, जबकि कॉलेज प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए मतपत्रों का उपयोग किया गया था।
एक अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय पैनल और कॉलेज प्रतिनिधियों दोनों के लिए वोटों की गिनती 21 नवंबर को सुबह 8:30 बजे डीयू कॉन्फ्रेंस सेंटर में चुनाव आयोग की टीम की मौजूदगी में शुरू होगी।
सोमवार को दिए गए अपने फैसले में, हाईकोर्ट ने सशर्त रोक हटाते हुए मतगणना जारी रखने की अनुमति दे दी, बशर्ते कि चुनाव प्रचार से जुड़ी सारी गड़बड़ियां साफ कर दी जाएँ। कोर्ट ने यूनिवर्सिटी को इन शर्तों के साथ 26 नवंबर को या उससे पहले नतीजे घोषित करने की अनुमति दे दी है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने कहा, "21 नवंबर को होने वाली मतगणना के लिए तैयारियां चल रही हैं। सफाई का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ईवीएम और मतपत्र चुनाव आयोग की टीम की मौजूदगी में खोले जाएंगे।"