दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के 69 कॉलेजों में उपलब्ध 79 स्नातक कोर्सेज की 71,624 सीटों पर शैक्षणिक सत्र 2025-26 में दाखिले के लिए पहला सीट आवंटन आज होगा। छात्रों के डैशबोर्ड पर शाम पांच बजे सीट आवंटित कर दी जाएगी।
डीयू प्रशासन ने बताया कि छात्रों को आवंटित सीट को स्वीकार करना ही होगा, सीट आवंटन से संतुष्ट नहीं होने पर वह अपग्रेड का विकल्प ले सकते हैं। 21 जुलाई शाम 4:59 मिनट तक सीट को स्वीकार किया जा सकेगा। स्वीकार नहीं करने पर वह कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम से बाहर हो जाएंगे और दाखिला नहीं हो पाएगा।
डीयू की सलाह- मौका न गंवाएं, सीट स्वीकार करें
डीयू के अनुसार यदि कोई छात्र सीट को स्वीकार नहीं करता तब यह माना जाएगा कि वह उस सीट पर दाखिला नहीं चाहता है। सीट स्वीकार करने पर वह सिस्टम में बने रहेंगे और सीट को अपग्रेड कर सकेंगे। छात्र अपग्रेड तभी करें जब वह अन्य आवंटन सूची का इंतजार करना चाहता है। यदि किसी छात्र को एक से ज्यादा सीट आवंटित होगी तो उन्हें किसी एक सीट को ही स्वीकार करना होगा। वहीं यदि कोई छात्र अपनी आवंटित सीट से संतुष्ट है तो वह उस सीट को फ्रीज कर सकते हैं। इसके बाद वह अगले राउंड में नहीं जा सकेंगे। पहली सीट आवंटन के बाद उन्हें फीस का भुगतान 23 जुलाई शाम पांच बजे तक करना है।
सीट आवंटन की नीति में बड़ा बदलाव
डीयू में इस बार सीटों को भरने के लिए अलग नीति अपनाई जाएगी। इस बार नॉर्थ कैंपस के कॉलेजों में अतिरिक्त सीट आवंटन को अपनाया नहीं जाएगा। इन कॉलेजों में पहले ही राउंड में काफी सीटें भर जाती है। नॉर्थ कैंपस के कॉलेजों में केवल भाषाओं के विषयों में 50 फीसदी अतिरिक्त सीट आवंटित की जाएंगी।
सांध्यकालीन कॉलेजों में जहां सीटें नहीं भरेंगी वहां पहले राउंड में ही 80-100 फीसदी तक अतिरिक्त सीटें आवंटित की जाएंगी। सांध्यकालीन कॉलेजों, अदिति, भगिनी निवेदिता, श्रद्धानंद समेत कॉलेजों में सामान्य, ओबीसी व ईडब्लयूएस श्रेणी के छात्रों के लिए 80 फीसदी अतिरिक्त सीटें आवंटित की जाएंगी जबकि एससी-एसटी व पीडब्लयूडी श्रेणी में सीटों का आवंटन सौ फीसदी तक होगा।
राजधानी, शिवाजी, अरबिंदो, देशबंधु, दयाल सिंह समेत 39 कॉलेजों में इकोनॉमिक्स, बीकॉम, अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र व इतिहास जैसे प्रोग्राम में सामान्य, ओबीसी व ईडब्लयूएस श्रेणी के लिए 20 फीसदी अतिरिक्त सीटें आवंटित होंगी।
वहीं, बाकी कोर्सेज में सामान्य, ईडब्लयूएस व ओबीसी श्रेणी के लिए 30-35 फीसदी अतिरिक्त सीटों का आवंटन होगा जबकि एससी, एसटी व पीडब्लयूडी श्रेणी के छात्रोंं के लिए यह आवंटन 50 फीसदी तक होगा। यहां भाषाओं के कोर्स में भी 50 प्रतिशत तक सीटें अतिरिक्त दी जाएंगी।