कब तक खुला रहेगा फेज-2 रजिस्ट्रेशन?
फेज-2 के तहत उम्मीदवार 11 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन और कॉलेज-कोर्स की प्राथमिकताएं भर सकते हैं। विश्वविद्यालय ने कहा है कि उम्मीदवार अपनी पात्रता के अनुसार जितने चाहें प्रोग्राम + कॉलेज कॉम्बिनेशन चुन सकते हैं।
हालांकि, उम्मीदवारों को प्राथमिकताओं का क्रम बेहद सावधानी से भरना चाहिए, क्योंकि सीट आवंटन उसी के आधार पर होगा।
CUET और 12वीं के विषयों की करनी होगी मैपिंग
विश्वविद्यालय ने फिर स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को CUET UG 2026 में उन्हीं विषयों की परीक्षा देनी जरूरी थी, जिन्हें उन्होंने 12वीं में पढ़ा और पास किया है।
फेज-2 में उम्मीदवारों को 12वीं के विषयों का CUET के टेस्ट पेपर से मिलान, यानी सब्जेक्ट मैपिंग भी करनी होगी। भाषा और डोमेन विषय 12वीं में पढ़े गए विषयों से संबंधित होने चाहिए।
प्रेफरेंस कितनी बार बदल सकेंगे?
विश्वविद्यालय ने बताया कि उम्मीदवार Top, Bottom और Preference Number विकल्प की मदद से अपनी प्राथमिकताओं का क्रम बदल सकते हैं। अंतिम तिथि तक वे जितनी बार चाहें बदलाव कर सकते हैं।
हालांकि, प्रत्येक बदलाव के बाद 'Save' बटन दबाना जरूरी होगा। अंतिम तिथि के बाद सभी सेव की गई प्राथमिकताएं स्वतः लॉक हो जाएंगी और इन्हीं के आधार पर सीट आवंटन किया जाएगा।
सीट मिलने के बाद उम्मीदवारों को Upgrade या Freeze का विकल्प भी मिलेगा। Upgrade चुनने पर वे अगले राउंड के लिए अपनी उच्च प्राथमिकताओं का क्रम बदल सकेंगे।
दूसरे राउंड का पूरा शेड्यूल
| कार्यक्रम |
तिथि |
| फेज-2 रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि |
11 जुलाई 2026 |
| सिम्युलेटेड रैंक जारी |
12 जुलाई, शाम 5 बजे |
| प्रेफरेंस बदलने की विंडो |
12 जुलाई से 13 जुलाई, शाम 5 बजे तक |
| पहली CSAS सीट अलॉटमेंट सूची |
16 जुलाई, शाम 5 बजे |
| आवंटित सीट स्वीकार करने की अवधि |
16 से 18 जुलाई 2026 |
| कॉलेजों द्वारा दस्तावेज सत्यापन |
16 से 20 जुलाई, शाम 5 बजे तक |
| प्रथम राउंड की फीस जमा करने की अंतिम तिथि |
21 जुलाई 2026 |
| दूसरी सीट अलॉटमेंट सूची |
25 जुलाई, दोपहर 12 बजे |
| दूसरी सूची की सीट स्वीकार करने की अवधि |
25 से 26 जुलाई 2026 |
| कॉलेजों द्वारा सत्यापन |
25 से 27 जुलाई 2026 |
| दूसरे राउंड की फीस जमा करने की अंतिम तिथि |
28 जुलाई 2026 |
दिल्ली विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों से कहा है कि वे कॉलेज और कोर्स की प्राथमिकताएं भरते समय पूरी सावधानी बरतें। अंतिम तिथि से पहले अपनी सेव की गई प्राथमिकताओं का प्रीव्यू जरूर देखें, क्योंकि समय सीमा समाप्त होने के बाद विकल्प स्वतः लॉक हो जाएंगे और उसी आधार पर सीट आवंटित की जाएगी।