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अब एआई से फिल्म बनाना सिखाएगा डीयू: 12वीं पास से परास्नातक तक कर सकेंगे आवेदन, कब से शुरू होगा कोर्स?

Sun, 04 Oct 2026 11:19 AM IST
शिवम तिवारी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रों के लिए एआई की मदद से फिल्म निर्माण सिखाने वाला छह महीने का नया कौशल पाठ्यक्रम शुरू करेगा। यह कोर्स जनवरी 2027 से शुरू होगा। इसमें 12वीं पास, स्नातक और परास्नातक छात्र दाखिला ले सकेंगे। पाठ्यक्रम में एआई उपकरणों के साथ फिल्म निर्माण की व्यावहारिक ट्रेनिंग और डिजिटल सामग्री तैयार करने का अनुभव मिलेगा।
 
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दिल्ली विश्वविद्यालय - फोटो : AP High Court
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विस्तार
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दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) छात्रों को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद से फिल्म बनाने की तकनीक सिखाने की तैयारी कर रहा है। विश्वविद्यालय के कैंपस ऑफ लर्निंग (COL) की ओर से एआई इन फिल्म मेकिंग नाम से छह महीने का नया स्किल कोर्स शुरू किया जाएगा। यह कोर्स जनवरी 2027 से शुरू होने की योजना है। इसमें 12वीं पास के अलावा स्नातक और परास्नातक छात्र भी दाखिला ले सकेंगे।

कोर्स शुरू करने की जरूरत क्यों पड़ी?

आज के समय में एआई की मदद से लघु फिल्म, वीडियो और कई तरह की विजुअल सामग्री तैयार की जा रही है। इससे कम समय और सीमित संसाधनों में कंटेंट तैयार करना आसान हुआ है। युवाओं के बीच भी एआई टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी बदलाव को देखते हुए कैंपस ऑफ लर्निंग ने छात्रों को एआई और फिल्म निर्माण का औपचारिक प्रशिक्षण देने की पहल की है।

छात्रों को क्या सिखाया जाएगा?

इस कोर्स का उद्देश्य छात्रों को फिल्म निर्माण में एआई के इस्तेमाल की जानकारी देना है। इसमें छात्रों को केवल एआई टूल्स के बारे में पढ़ाया नहीं जाएगा, बल्कि उन्हें इन तकनीकों का व्यावहारिक इस्तेमाल भी सिखाया जाएगा। छात्र एआई की मदद से विजुअल कंटेंट तैयार करने और फिल्म निर्माण की अलग-अलग प्रक्रियाओं को समझ सकेंगे।

प्रैक्टिकल ट्रेनिंग कैसे मिलेगी?

कैंपस ऑफ लर्निंग के पास अपना स्टूडियो भी है। यहां छात्रों को फिल्म निर्माण से जुड़े काम को करीब से समझने और उस पर प्रैक्टिकल करने का मौका मिलेगा। विद्यार्थी एआई तकनीक को शूटिंग और फिल्म बनाने की दूसरी प्रक्रियाओं के साथ इस्तेमाल करके सीख सकेंगे। इससे उन्हें केवल किताबी जानकारी के बजाय वास्तविक काम का अनुभव मिलेगा।

कमाई के रास्ते कैसे खुलेंगे?

सीओएल की निदेशक पायल मागो के मुताबिक, कम संसाधनों में कंटेंट तैयार करने की क्षमता छात्रों के लिए कमाई के नए रास्ते खोल सकती है। कोर्स के बाद छात्र लघु फिल्म, विज्ञापन, सोशल मीडिया वीडियो और अन्य डिजिटल कंटेंट तैयार करने का काम कर सकते हैं। इससे वे स्वतंत्र रूप से काम करने या अतिरिक्त कमाई का विकल्प भी तलाश सकेंगे।

कोर्स का सिलेबस कैसा होगा?

कैंपस ऑफ लर्निंग ने नए कोर्स का सिलेबस तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कोर्स की पढ़ाई को मौजूदा बाजार और फिल्म निर्माण उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। इसका मकसद छात्रों को ऐसी स्किल देना है, जिसका इस्तेमाल वे पढ़ाई के बाद व्यावहारिक काम में कर सकें।

डीयू की आगे की क्या योजना है?

डीयू एआई के क्षेत्र में अपनी गतिविधियों का दायरा बढ़ाने की तैयारी भी कर रहा है। पायल मागो ने बताया कि विश्वविद्यालय की योजना अलग से एआई केंद्र बनाने की भी है। नए फिल्म मेकिंग कोर्स के जरिए विश्वविद्यालय एआई तकनीक की जानकारी रखने वाले और फिल्म निर्माण में इसका इस्तेमाल करने में सक्षम युवाओं को तैयार करना चाहता है।
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