कुलपति ने कहा कि इस मान्यता के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और सामुदायिक जुड़ाव में उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। कुलपति ने कहा कि यह शिक्षकों, विद्यार्थियों, प्रिंसिपल, कर्मचारियों और डीयू से जुड़े सभी लोगों के सामूहिक प्रयास का नतीजा है। कुलपति ने उम्मीद जताई कि अगले वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय व इससे जुड़े सभी कॉलेज और भी अच्छे परिणाम देते हुए सभी श्रेणियों में रिकॉर्ड कायम करेंगे।
आगे भी नंबर कायम रखेंगे: हिंदू कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. अंजू श्रीवास्तव ने कहा कि लगातार दूसरे साल नंबर वन पर आना एक बड़ी उपलब्धि है। इस तरह की रैंकिंग हमारे प्रयासों को संतुष्टि देती है। हम एक्सीलेंस इन एजुकेशन पर काम कर रहे हैं, इसी का नतीजा है कि हम इस मुकाम पर है। हमें उम्मीद है कि अगले साल भी हम अपने प्रयासों से नंबर वन के ताज को बरकरार रखेंगे।
मिरांडा हाउस कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. बिजयालक्ष्मी नंदा ने कहा कि हम लगातार सात साल तक पहले पायदान पर रहे हैं। बीते साल नंबर वन कॉलेज का ताज हिंदू कॉलेज को मिला।
इस साल भी हिंदू कॉलेज पहले नंबर कायम है। कॉलेज में नियुक्तियां कर हम फिर से नंबर होने का प्रयास करेंगे। वैसे भी लगातार एक रैंक पर बने रहना किसी चुनौती से कम नहीं होता। दूसरे स्थान पर आना भी कम बड़ी उपलब्धि नहीं है। टॉप 10 में हमारा ही कॉलेज है जो कि महिला कॉलेज है।
दिनेश खट्टर बोले- नौवें से चौथे पायदान पर आना काफी स्पेशल
एनआईआरएफ रैंकिंग में किरोड़ीमल कॉलेज ने इस बार लंबी छंलाग लगाई है। बीते साल की रैंकिंग में कॉलेज नौवीं पायदान पर था, जबकि इस बार चौथी पायदान पर पहुंच गया है। कॉलेज प्रिंसिपल दिनेश खट्टर ने कहा कि यह क्षण हमारे लिए काफी स्पेशल है।
हमने इस बार रिसर्च पर काफी प्रयास किए। इसी का नतीजा रैंकिंग में दिखाई दे रहा है। कॉलेज के फंड से काफी रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू किए, उन्हें सम्मानित भी किया। जिनके प्रोजेक्ट पेटेंट हुए उन्हें भी सम्मानित किया। यह केवल कॉलेज ही नहीं, बल्कि शिक्षक, कर्मचारी, छात्र, सभी के लिए बड़ी उपलब्धि है। अगले साल के लिए हमारा प्रयास है कि हम इस रैंकिंग में और सुधार करें।