निर्देशों का उल्लंघन करने पर निष्कासन
साथ सभी आवश्यक जानकारियां शामिल होना आवश्यक है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक सूचना (जैसे सोशल मीडिया पोस्ट, व्हाट्सएप मैसेज, पोस्टर या पर्चे) या किसी अन्य सामग्री को चाहे वह मुद्रित हो या डिजिटल को आधिकारिक अनुमति नहीं माना जाएगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय ने परिसर में ऐसे आयोजनों के लिए बाहरी व्यक्तियों को आमंत्रित करने या शामिल करने पर भी सख्त प्रतिबंध लगाया गया है।
यदि इन निर्देशों का उल्लंघन करने पर आयोजकों और प्रतिभागियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इसमें निष्कासन, बर्खास्तगी और पुलिस कार्रवाई जैसे कदम शामिल है। डीयू प्रशासन ने 17 फरवरी 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में एक महीने के लिए किसी भी तरह की पब्लिक मीटिंग, जुलूस, प्रदर्शन और प्रोटेस्ट पर पूरी तरह से रोक लगाई थी।
पुलिस के पास भी जमा करना होगा आवेदन
आवेदन दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर कार्यालय के साथ-साथ संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों, जैसे डीसीपी या एसएचओ को भी जमा करना होगा। इसमें आयोजक का नाम, संस्थान या विभाग, संपर्क विवरण, कार्यक्रम की प्रकृति, अवधि, लॉजिस्टिक्स, वक्ताओं की सूची और प्रतिभागियों की अनुमानित संख्या शामिल होगी।