नियमों के पालन की अपील
रजिस्ट्रार विकास गुप्ता द्वारा जारी इस परामर्श में छात्रों, कॉलेजों और विश्वविद्यालय विभागों से सख्त अनुपालन की अपील की गई है। यह दिशा-निर्देश विभिन्न कानूनी प्रावधानों, अदालती आदेशों और लिंगदोह समिति की सिफारिशों पर आधारित हैं।
छात्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए, विश्वविद्यालय ने एंटी-डिफेसमेंट एफिडेविट शुरू करने का प्रस्ताव रखा है, जो प्रवेश के समय एंटी-रैगिंग एफिडेविट की तरह भरना होगा।
दिशा-निर्देशों के अनुसार, कॉलेजों और विभागों को कैंपस में चुनावी माहौल के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, उम्मीदवारों के लिए बहस (डिबेट) आयोजित करने और उसे कॉलेज की वेबसाइट पर अपलोड करने की सिफारिश की गई है।
चुनाव सामग्रियों के लिए जगह निर्धारित
इसके अलावा, कॉलेजों को “वॉल्स ऑफ डेमोक्रेसी” के आकार को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि चुनावी सामग्री केवल इन निर्धारित स्थानों पर ही लगाई जा सके। इन स्थानों के बाहर पोस्टर लगाना, दीवारों पर लिखना, रैलियां, लाउडस्पीकर और रोड शो करना सख्त रूप से प्रतिबंधित होगा।