कोरोना महामारी के कारण दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के पहले वर्ष (प्रथम सेमेस्टर व दूसरा सेमेस्टर) के छात्रों के दोनों सेमेस्टर का मूल्यांकन एक साथ होगा। दोनों सेमेस्टर के लिए छात्रों को चार प्रश्नों के रूप में एक ही असाइनमेंट दिए जाएगा। एसओएल के छात्रों की नवंबर-दिसंबर में भी परीक्षाएं नहीं हो सकी थीं। ऐसे में नंवबर-दिसंबर व मई-जून का असाइनमेंट आधारित मूल्यांकन कर प्रमोट करने का फैसला किया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय पहले ही घोषणा कर चुका है कि इस बार केवल नियमित कॉलेज, एसओएल व एनसीवेब के अंतिम वर्ष के छात्रों की ओपन बुक परीक्षा होगी। पहले व दूसरे वर्ष के छात्रों का मूल्यांकन उनके बीते सेमेस्टर के प्रदर्शन और असाइनमेंट पर आधारित होगा। इसी के आधार पर वह अगले वर्ष में प्रमोट होंगे।
स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के ओएसडी डॉ उमाशंकर पांडेय ने बताया कि एसओएल के पहले वर्ष के छात्रों का असाइनमेंट आधारित मूल्यांकन एक साथ होगा। इन छात्रों की पहले सेमेस्टर की भी परीक्षाएं नहीं हो सकी थीं और ना ही आंतरिक मूल्यांकन हो सका। ऐसे में उन्हें किस आधार पर आगे प्रमोट किया जाता, इसलिए यह फैसला किया गया।
उन्होंने बताया कि असाइनमेंट के रूप में छात्रों को कुल चार प्रश्न दिए जाएंगे जिसमें से उन्हें दो प्रश्नों को हल करना होगा। यह असाइनमेंट उन्हें उनके डैश बोर्ड पर दिया जाएगा जहां से उन्हें प्रश्नों को देखकर हल करना होगा और स्कैन इमेज को तय समय में ही ईमेल से भेजना होगा। इस तरह से उनके दोनों सेमेस्टर के असाइनमेंट का एक साथ प्रो रेटा आधारित फॉर्मूले पर 100 अंको के हिसाब से मूल्यांकन किया जाएगा। चूंकि नवंबर-दिसंबर की परीक्षाएं नहीं हो सकने के कारण उनके प्रदर्शन को नहीं देखा जा सकता, इसलिए 100 अंकों के आधार पर मूल्यांकन होगा।
पूर्व छात्रों को देना होगा ओबीई-
एसओएल व एनसीवेब के पहले व दूसरे वर्ष के पूर्व छात्रों को पेपर पास करने के लिए ओपन बुक एग्जाम (ओबीई) देना होगा। अंतिम वर्ष के छात्रों के साथ ही तय डेटशीट के आधार पर वह परीक्षा में बैठेंगे।