एनडीटीएफ ने क्या दिया सुझाव?
एनडीटीएफ ने इस मुद्दे पर वैधानिक निकायों की बैठकें बुलाने और अंडरग्रेजुएट छात्रों के लिए और हॉस्टल सुविधाएं बनाने के तरीकों पर विचार करने के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाने की भी मांग की।
इसने कहा कि प्रस्तावित टास्क फोर्स को छात्रों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले निजी हॉस्टलों और PG आवासों के नियमों की भी जांच करनी चाहिए, जिसमें सुरक्षा, भोजन और शुल्क से जुड़े मुद्दे शामिल हों। संगठन ने यह भी सुझाव दिया कि कॉलेज छात्रों के स्थानीय पते और रहने की जगहों का सही रिकॉर्ड रखें और उसे नियमित रूप से अपडेट करते रहें।
ये मांगें दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में एक बहुमंजिला इमारत के गिरने के बाद उठी हैं, जिससे इलाके में निजी तौर पर चलाए जा रहे छात्रों के आवासों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।