500 के नकली नोटों की बरसात की गई
सबसे बडा तमाशा तब हुआ जब भीड पर 'चिल्ड्रन बैंक ऑफ इंडिया' के नकली 500 रुपये के नोट बरसाए गए। दौलतराम कॉलेज की छात्रा सन्या बोलीं, "पहले लगा अमीर हो गए, लेकिन हर नोट पर एक ही सीरियल नंबर देख हंसी आ गई।"
कॉलिज गेट्स के बाहर ढोल वाले भी माहौल में जान डालते रहे। हिन्दू कॉलेज के बाहर ढोल बजा रहे राकेश ने कहा, "हर साल यहां बजाते हैं। हमें अक्सर पता भी नहीं होता किसके लिए बजा रहे हैं। दिनभर में 1,000 से 2,000 रुपये तक मिल जाते हैं, ऊपर से टिप भी।"
फेंके गए पर्चों और पर्चियों ने रिक्शा चालकों और कबाडीवालों के लिए भी कमाई का मौका बनाया। किरोरीमल कॉलेज के पास काम करने वाले श्याम ने बताया, "पिछले साल 2,000 रुपये कमाए थे, इस बार कागज कम हैं तो शायद 800 ही मिलें।" बच्चे भी नकली नोट बटोरते रहे। छोटे राहुल सिंह ने कहा, "पहले लगा असली हैं, पर नहीं थे। फिर भी बैग में रख लूंगा।"
पूरे दिन सुरक्षाकर्मी बूथों के बाहर तैनात रहे। एक अधिकारी ने कहा, "हम सतर्क हैं ताकि कोई दिक्कत न हो और प्रक्रिया सुचारू चले।"
कक्षाएं स्थगित होने के कारण छात्र समूहों में पहुंचे। कुछ दोस्तों के साथ आए, तो कुछ माता-पिता के साथ। वे वोट डालने के बाद भी बूथों के आसपास रुके रहे, कूपन बांटे और इस ‘मेला-सा’ माहौल का हिस्सा बने। तीसरे वर्ष की छात्रा ऋतिका बोलीं, "कौन जीते, इसकी परवाह न भी हो तो भी यहां का मजा मिस नहीं करना चाहिए।"
शाम तक नॉर्थ कैंपस की सडकें पर्चों, कूपनों और नकली नोटों से पटी पडी थीं। लगभग 2.8 लाख छात्र इस चुनाव में वोट डालने के योग्य हैं। नतीजे 19 सितंबर को घोषित किए जाएंगे।