दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में चल रही प्रवेश प्रक्रिया में लागू नए योग्यता नियमों पर विश्वविद्यालय और केंद्र सरकार का पक्ष पूछा है। सोमवार को दाखिले की नई नीति को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय और केंद्र से जवाब मांगा है।
कोर्ट ने पूछा है कि दाखिले के लिए पंजीकरण शुरू होने के एक दिन पहले नियमों में बदलाव कैसे कर दिया गया?
दरअसल, एक वकील चरणपाल सिंह बागड़ी ने आखिरी समय में योग्यता के नियम बदलने वाले विश्वविद्यालय के फैसले को चुनौती दी है। चरणपाल सिंह ने डीयू के इस कदम को प्राकृतिक न्याय के सिद्दांत का उल्लंघन बताया है।
इस याचिका में डीयू के इस नए नियम को खारिज कर पुराने योग्यता नियमों के अनुसार विद्यार्थियों को आवेदन करने की अनुमति देने की अपील की गई है।
बता दें कि डीयू ने इस शैक्षणिक सत्र में दाखिले के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया 30 मई 2019 से शुरू की है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 14 जून 2019 है।
कोर्ट ने मानव संसाधन विभाग की ओर से वकील ब्रजेश कुमार और दिल्ली विश्वविद्यालय को 14 जून 2019 तक अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। अगली सुनवाई 14 जून को होगी।
कुछ कोर्सेज में योग्यता के नियम अचानक बदल देने से कई विद्यार्थियों को परेशानी भी हो रही है, क्योंकि उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है।