दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लेने के लिए बेस्ट फोर में डीयू की विषय सूची से बाहर के विषय भी शामिल किए जा सकते हैं, लेकिन इन विषयों को लेने पर विद्यार्थी के अंकों में से कटौती की जाएगी। यदि डीयू की सूची ए और सूची बी में से विषय नहीं लेते तो 2.5 फीसदी अंकों की कटौती होगी। जबकि जो विषय 12वीं में नहीं पढ़ा और उसमें ऑनर्स करना चाहते हैं तो एक फीसदी अंकों की कटौती होगी।
डीयू, विद्यार्थी के कक्षा 12वीं में उन चार विषयों के अंकों को जोड़ता है, जिसमें सबसे अच्छे नंबर हों। इन्हें ही बेस्ट फोर विषय कहा जा जाता है, लेकिन डीयू में हर प्रोग्राम में दाखिले के लिए अलग-अलग नियम हैं। डीयू में विषयों की दो सूची हैं। एक सूची, जिसमें सभी भाषाओं को रखा गया है। इस सूची में पांच विदेशी भाषाएं भी शामिल हैं और दूसरी सूची में 21 इलेक्टिव विषय हैं। इनमें इंग्लिश, मैथ, फिजिक्स, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, हिस्ट्री, कंप्यूटर साइंस, एकाउंटेंसी, सिविक्स, बायोलॉजी-बॉयोकेमिस्ट्री-बॉयोटेक्नोलॉजी, राजनीति शास्त्र, होमसाइंस, लीगल स्टडी जैसे अन्य विषय शामिल हैं। विद्यार्थी इन दोनों सूचियों में से कोई विषय नहीं लेते हैं तो उसके कुल अंकों में से 2.5 फीसदी अंक कट जाएंगे।
वहीं इंग्लिश ऑनर्स, हिंदी ऑनर्स जैसे प्रोग्राम के लिए 55 फीसदी अंक होना जरूरी है। यदि विद्यार्थी हिस्ट्री, राजनीति शास्त्र, भूगोल जैसे विषयों में ऑनर्स करना चाहता है, लेकिन उसने वह विषय 12वीं में नहीं पढ़ा है तो उसके एक फीसदी अंकों को कम किया जाएगा। मसलन कोई विद्यार्थी हिस्ट्री ऑनर्स करना चाहता है तो उसे अपने बेस्ट फोर में 1 भाषा और तीन अन्य विषयों को रखना होगा। यदि उसने हिस्ट्री नहीं पढ़ी तो उसके कुल अंकों में एक फीसदी अंक काट लिए जाएंगे।